मवाना। संयुक्त व्यापारी एसोसिएशन द्वारा व्यापारी से बाट व माप तौल विभाग द्वारा बिना कंपाउंडिंग पैनल्टी नोटिस दिए सरकारी फीस पर पैनल्टी लगाने के बाद दो हजार रुपये मांगे जाने का विरोध करते हुए कार्यालय पहुंचे। वहां पर बाट माप अधिकारी के नहीं मिलने पर व्यापारी विधायक से मिले। विधायक ने डिप्टी कंट्रोलर को फोन करके नाराजगी जताई तथा सीएम से शिकायत करने की चेतावनी दी। जिसके बाद व्यापारी का कार्य हो सका है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष शैवाल दुबलिश को गुड़ मंडी स्थित निशांत हार्डवेयर के व्यापारी निशांत एवं एसोसिएशन के सदस्य मोहित दुबलिश ने बताया कि बाट एवं माप तौल विभाग के कर्मचारी तथा अधिकारी 30 किलो के इलेक्ट्रोनिक कांटे पर 10 दिन लेट हो जाने पर सरकारी फीस पर पैनल्टी लगाने के बाद दो हजार रूपये की मांग और कर रहे है। इस व्यापार मंडल की टीम एकत्रित होकर मील रोड़ स्थित माप तौल विभाग पहुंची। वहां पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुशील व लिपिक रॉकी मिला। वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान व बाट व माप अधिकारी कल्पना तोमर नहीं मिली। जिसके बाद व्यापारी पावन धाम कॉलोनी में विधायक दिनेश खटीक के कार्यालय पर पहुंचे तथा मामले से अगवगत कराया। विधायक ने तुरंत डिप्टी कंट्रोलर से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शिकायत पहले भी उन पर आ चुकी है। यदि विभाग द्वारा व्यापारी को नोटिस भेजा गया तो कंपाउडिंग जुर्माना सही है परंतु 10 दिन लेट होने पर कंपाउडिंग लेना नियमानुसार गलत है। यदि व्यापारियों को परेशान किया तो इसके खिलाफ मुख्यमंत्री से शिकायत कर दूंगा। डिप्टी कंट्रोलर ने शिकायत पर कार्रवाई करने की बात कहीहै। विधायक को शांत किया। हालांकि बाद में व्यापारी का कार्य हो जाने पर व्यापारी शांत हुए। प्रतिनिधिमंडल में शैवाल दुबलिश, राजू गिरधरवाल, नदीम, महबूब, सोमपाल, जियाउल हक, सोनू, अमित रस्तोगी, पल्लव गुप्ता, विनोद सैनी, मांगेराम मित्तल, राहुल चौहान, जकी, जमशेद अली, वीरसैन चैहान, मोहित दुबलिश, सुधीर शर्मा सहित काफी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
बाट एवं माप अधिकारी कल्पना तोमर का कहना है कि ऐसा नहीं है। जितना पैसा लिया जाता है उतने की रसीद दी जाती है। कार्यालय में नहीं मिलने के संबंध में उनका कहना था की उन पर क्रय केंद्रों के कांटों की जांच का भी जिम्मा है। इस कारण वे कार्यालय नहीं आकर सीधे क्रय केंद्रों पर चली गई थी।