हस्तिनापुर। महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगरी अपने धार्मिक महत्व के लिए देश-विदेश में जानी जाती है। आबकारी विभाग अपनी कमाई बढ़ाने के चक्कर में सभी नियमों को ताक पर रखकर यहां शराब ठेकों को संचालित करने की अनुमति दे रहा है। इससे यहां पर आने वाले पर्यटक सैलानियों की सुरक्षा खतरे में है। आबादी के बीच संचालित शराब के ठेकों की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंच गई है।
नगर पंचायत की चेयरपर्सन सुधा खटीक ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। शिकायत में उन्होंने कहा कि कस्बे के बीचो-बीच शराब का ठेका आबकारी अधीन नियमों के खिलाफ है। जबकि यह ठेके कस्बे से बाहर होना चाहिए। इनमें से ठेके के सामने एक मंदिर है और दूसरे के बराबर में स्कूल है और बाजार का प्रमुख रास्ता है। इससे स्कूली बच्चों के साथ-साथ यहां के लोगों पर गलत असर पड़ता है।
शिकायत में कहा कि नगर पंचायत हस्तिनापुर एक ऐतिहासिक व प्राचीन नगरी है। यह भूमि तीन धर्मों का धर्म स्थल है। यहां पर जैन, सिख व हिन्दू धर्म के अनेकों मंदिर स्थापित हैं। यहां प्रत्येक माह धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहता है। परंतु आबकारी विभाग द्वारा आवासीय काॅलोनी एवं धार्मिक मंदिरों, गुरुद्वारा साहब के पास शराब के ठेके आवंटित कर दिए गए हैं। इससे नगर के लोगों में काफी रोष है। नगर की जनता की समस्या को देखते हुए आवासीय काॅलोनी एवं धर्मस्थलों के पास से शराब के ठेकों का स्थान परिवर्तित करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं।