फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लिए शासन को भेजी 500 करोड़ की डिमांड

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। प्रदेश की पहली टाउनशिप में विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी। मेरठ विकास प्राधिकरण के अधीन बनने वाली टाउनशिप को 31 जोन में विकसित किया जाएगा, जो एनसीआर का केंद्र होगी। इसके लिए करीब सात करोड़ रुपये से 100 हेक्टेयर जमीन की खरीद पूरी हो गई है। अब मेडा ने शासन से 500 करोड़ रुपये की डिमांड की है। इसमें आईटी सेक्टर भी होगा। हाइवे के साथ ही कुछ ग्रामीण इलाकों में फीडर मार्ग से कनेक्टिविटी होगी।
विज्ञापन

मेडा पहले फेज के अंतर्गत 142 हेक्टेयर में इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित करेगा। टाउनशिप जहां विकसित की जाएगी वहां स्पेशल डवलपमेंट एरिया (एसडीए) प्रस्तावित है। एनसीआरटीसी ने यहां मिश्रित भू उपयोग रखा गया है। यहां रिहाइश के साथ ही औद्योगिक गतिविधियां भी होंगी। मेरठ साउथ स्टेशन पर रैपिड और मेट्रो दोनों ही ट्रेनों की सुविधा यात्रियों को मिलेगी। रैपिड लगातार चल रही है। यहां से ट्रेन बदलकर आसानी से सफर किया जा सकेगा। इसके अलावा यहां बस टर्मिनल भी बनाया जाएगा, जिसका काम जल्द शुरू होने की संभावना है। दिल्ली रोड पर बनने वाली यह टाउनशिप शहर के एक छोर पर होगी, जहां से गाजियाबाद, नोएडा, गुड़गांव, दिल्ली, फरीदाबाद आदि पहुंचना आसान होगा। इसी के साथ यहां न केवल लोग रहेंगे बल्कि उद्योग भी चलेंगे।

दूसरी ओर इस टाउनशिप की खासियत होगी कि शहर के साथ ही आसपास के जनपदों से भी यहां आना-जाना बेहद आसान होगा। आरआरटीएस स्टेशन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, मोहिउद्दीनपुर स्टेशन की दूरी यहां से महज डेढ़ किमी. रहेगी। सिटी स्टेशन से दस और परतापुर से चार किमी. की दूरी रहेगी। ऐसे में यहां तैयार सामान को बाजार भी सुलभता से मिलेगा। वहीं जून तक मोदीपुरम से पूरे मेरठ में रैपिड शुरू होने का लक्ष्य है। दिल्ली व जेवर से कनेक्टिविटी से दुनियाभर में सामान निर्यात किया जा सकेगा। हाइवे के साथ ही परतापुर, गगोल आदि ग्रामीण क्षेत्रों से भी फीडर मार्ग के जरिए टाउनशिप जुड़ेगी। अभी तक शासन इस टाउनशिप के लिए 400 करोड़ रुपये जारी कर चुका है। अब शासन से पांच सौ करोड़ रुपये की मांग करते हुए डिमांड भेजी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें