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Meerut News: गंगा एक्सप्रेसवे इंटरचेंज पर सर्विस लेन की मांग तेज

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- ग्रामीणों ने एनएचएआई को भेजी शिकायत
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। मेरठ-बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 334) पर प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे इंटरचेंज के निकट सर्विस लेन के अभाव में उत्पन्न सड़क सुरक्षा संकट को लेकर बिजौली, खड़खड़ी, गोविंदपुरी और फफूंडा गांव के ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक को जनहित में प्रार्थना पत्र एवं प्री-लिटिगेशन लीगल नोटिस भेजा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द तकनीकी सुधार और स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना के लिए संबंधित एजेंसियां जिम्मेदार होंगी।

ग्रामीणों का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे इंटरचेंज और लूप के निर्माण के बाद मेरठ की ओर जाने वाले हजारों स्थानीय लोगों के सामने सुरक्षित आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। वर्तमान व्यवस्था में ग्रामीणों के पास केवल दो विकल्प हैं। पहला एचपी पेट्रोल पंप के सामने तक पहुंचने के लिए विपरीत दिशा में वाहन चलाना, जो जानलेवा साबित हो सकता है। दूसरा हापुड़ की ओर लगभग पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर यू-टर्न लेकर वापस मेरठ आना। इससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।
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याचिका में कहा गया कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, स्कूल बसें, ई-रिक्शा, किसान, मजदूर, महिलाएं, बुजुर्ग, साइकिल और दोपहिया वाहन चालक गुजरते हैं। हाई स्पीड एक्सप्रेसवे के ट्रैफिक और स्थानीय वाहनों के मिश्रण के कारण यहां कभी भी बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने इस पूरे हिस्से को संभावित एक्सीडेंट ब्लैक स्पॉट बताते हुए तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।
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ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक अस्थायी सुरक्षा उपायों के रूप में बैरिकेडिंग, रॉन्ग साइड रोकने के लिए बैरियर, स्पीड नियंत्रण, चेतावनी ब्लिंकर तथा व्यस्त समय में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए।
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