हस्तिनापुर। पिछले दो महीने पूर्व बरसात के मौसम में गंगा नदी कटान करते हुए बस्तोरा नारंग गांव के समीप पहुंच गई थी। इससे ग्रामीणों को पलायन के लिए विवश होना पड़ा था। अब ग्रामीणों ने गंगा के कटान को रोकने के लिए तटबंध बनवाने की मांग की है।
बस्तोरा नारंग निवासी ठाकुर अंगपाल सिंह ने बताया कि जून 2025 में गंगा नदी उफान पर आ गई थी। इसके बाद गंगा ने कटान तेज कर दिया और गांव से करीब 200 मीटर दूर पहुंच गई। गांव की ओर पानी आता देख ग्रामीणों ने पलायन किया था। गंगा का जलस्तर कम हुआ तो ग्रामीण गांव में वापस लौट आए। उन्होंने बताया कि एक जुलाई को जिलाधिकारी उनके गांव में पहुंचे थे। ग्रामीणों ने उनसे गांव को बाढ़ से सुरक्षित बचाने के लिए बांध के निर्माण की मांग की थी परंतु अभी तक कार्य नहीं शुरू हुआ। ग्रामीण राजू चौहान ने बताया कि गांव को बाढ़ से सुरक्षित बचाने के लिए तटबंध की जरूरत है। इसके लिए अधिकारियों को लिखित में दिया गया है। गांव का करीब चार हजार हेक्टेयर जंगल गंगा में समा गया है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
इस बार गांव के अधिकतर किसानों के पास गन्ने की फसल बहुत कम है। उनकी फसल गंगा में समा गई और जमीन नहीं बची होने के कारण किसान गेहूं की भी बुवाई नहीं कर पाए हैं। अब ग्रामीणों ने जिला अधिकारी और उप कृषि निदेशक को पत्र भेजकर तटबंध बनवाने की मांग की है। गंगा में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ के कारण क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति दयनीय होती जा रही है। ग्राम प्रधान मनोज कुमार ने बताया कि ग्रामीणों का कृषि ही एकमात्र आय का साधन होने के कारण किसान परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनहित में गांव के समीप तटबंध बनवाया जाए। जिससे गंगा के कटान से गांव को बचाया जा सके।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के एक्सईएन प्रमोद कुमार का कहना है कि इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव पास होने और बजट मिलने पर काम शुरू करा दिया जाएगा।