- खरखौदा में युवाओं, छात्रों और प्रबुद्ध नागरिकों ने विशाल कैंडल मार्च निकाला
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता, मेरिट की रक्षा और यूजीसी के इक्विटी रेगुलेशन के रोलबैक की मांग को लेकर रविवार शाम खरखौदा में युवाओं, छात्रों और प्रबुद्ध नागरिकों ने कैंडल मार्च निकाला। हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारी मुख्य मार्गों और बाजारों से होकर गुजरे। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था की विसंगतियों की तार्किक एवं समयबद्ध समीक्षा की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सभी वर्गों के युवाओं को समान अवसर मिलना चाहिए। युवा प्रतिनिधियों ने यूजीसी के नए इक्विटी रेगुलेशन पर आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि नए नियमों के कारण उच्च शिक्षण संस्थानों में अविश्वास का माहौल बनने और नियमों के दुरुपयोग की आशंका है।
कैंडल मार्च के समापन पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि समाज के जरूरतमंद और योग्य युवाओं को न्याय मिले। उन्होंने शिक्षा और नौकरियों में मेरिट को प्राथमिकता देने की मांग भी की।
मार्च में कपिल त्यागी, विपिन त्यागी, देवेंद्र त्यागी पहलवान, मनोज त्यागी, डॉ. ललित त्यागी, अनी त्यागी, तरुण हिमांशु त्यागी, तरुण त्यागी, अक्षय त्यागी, नितिन स्वामी, आशीष त्यागी, सुभाष शर्मा, लावी त्यागी और अतुल त्यागी समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग, अधिवक्ता और सैकड़ों युवा मौजूद रहे।