आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। स्रोत : सेना।
आरवीसी सेंटर छावनी में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, इटली, अमेरिका और फिनलैंड के विशेषज्ञों ने रखे विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज मेरठ छावनी में शुक्रवार से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई। आरवीसी में पहली बार अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ है। इसका मुख्य विषय अश्व एवं श्वान चिकित्सा में उन्नत रणनीतियां और आधुनिक सैन्य श्वान परिचालन प्रशिक्षण रहा।
दो दिवसीय संगोष्ठी में श्वानों और घोड़ों की स्वास्थ्य देखभाल, आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों तथा सैन्य श्वानों की परिचालन क्षमताओं में दुनिया भर में हो रही नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति पर मंथन किया गया। संगोष्ठी में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, सेना के पशु चिकित्सा अधिकारियों, सैन्य कमान अधिकारी एवं संबंधित क्षेत्रों के शोधकर्ता शामिल हुए। आरवीसी सेंटर के कमांडेंट मेजर जनरल लक्ष्मीकांत मदरेवार ने विशेषज्ञों का स्वागत किया।
पहले दिन इटली, अमेरिका और फिनलैंड से आए प्रतिष्ठित विदेशी विशेषज्ञों ने अपने विशेष तकनीकी सत्र प्रस्तुत किए। इन सत्रों के दौरान वैश्विक विशेषज्ञों ने कई विषयों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण व व्यावहारिक अनुभव साझा किए गए। इसमें गंध के प्रवाह और उसके सटीक स्रोत की त्वरित पहचान करने की आधुनिक तकनीकें, सुरक्षा और रक्षण श्वानों को जटिल परिचालन स्थितियों के लिए तैयार करने की रणनीतियों पर चर्चा की।
श्वानों के सीखने की मानसिक क्षमताओं का बेहतर उपयोग पर विचार विमर्श हुआ। तकनीकी सत्रों के दौरान सैन्य श्वानों की प्रशिक्षण दक्षता, विश्वसनीयता और युद्ध या आपातकालीन परिस्थितियों में उनकी परिचालन प्रभावशीलता को बढ़ाने पर केंद्रित चर्चा हुई। संगोष्ठी का समापन 31 अक्तूबर को होगा।