लोगाें के लिए नासूर बने कूड़े के पहाड़ का आकार अब और नहीं बढ़ेगा। अमर उजाला ने मामले को गंभीरता से उठाया तो शुक्रवार से नगर निगम ने यहां कूड़ा डालने से तौबा कर ली। कहा कि अब यहां कूड़ा नहीं डालेंगे। उधर, आयुक्त डा. प्रभात कुमार ने कहा कि जनता के बीच में कूड़ा डालना अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने डीएम को पत्र भेजा है कि इस कृत्य पर निगम अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।
मंगतपुरम में कूड़े की पहाड़ी और बदबू से करीब एक दर्जन से ज्यादा कालोनियों में रहने वाले लोग परेशान हैं। शहर भर का कूड़ा यहां डाला जा रहा है। मेरठ शहर में रोज लगभग 800 टन कूड़ा निकलता है जिसमें से अधिकतर को निगम यहीं पहुंचा देता है। नतीजा, मंगतपुरम में कूड़े का पहाड़ विकराल होता जा रहा है। यह इतना बड़ा हो गया है कि आसपास की कई मंजिला इमारातों तक इसकी ऊंचाई बढ़ गई है। आसपास के लोगों का सांस लेना दूभर हो रहा है। स्कूलों में बच्चे बदबू से हलकान हो गए हैं। इससे मंगतपुरम सहित दिल्ली रोड की देवलोक, मोहकमपुर, तेजपाल एंकलेव, सरस्वती लोक, सूर्या पैलेस, सुपरटेक , माधवपुरम आदि कॉलोनियों की जनता बुरी तरह से परेशान है। सभी लोग लगातार मांग कर रहे थे कि कूड़ा यहां न डाला जाए पर निगम को जैसे इससे कोई सरोकार ही नहीं था। अमर उजाला ने इस प्रकरण को उठाया। लगातार लोग इस अभियान से जुड़े। लोगों ने कहा कि यह एक जनांदोलन बनने जा रहा है। यदि कूड़ा डालना नहीं रोका गया तो जनता सड़कों पर उतरेगी।
आया असर, चेता निगम
शुक्रवार को निगम अधिकारियों ने इस बाबत गंभीरता दिखाई और यहां कूड़ा डालने पर रोक लगा दी। सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया कि कूड़े से भरी गाड़ियों को मंगतपुरम न जाया जाए। इसका अलग इंतजाम किया जाएगा। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण की योजना की फाइल पर चढ़ी धूल भी हटने लगी है। अधिकारियों का कहा है कि कूड़ा निस्तारण की योजना को जल्द अमल में लाया जाएगा।
कूड़ा डाला तो निगम अधिकारियों पर दर्ज करो मुकदमा
इस मामले में मंडलायुक्त डा. प्रभात कुमार ने बेहद गंभीरता दिखाई है। उन्होंने कहा है कि आबादी के बीच कूड़ा डालना पूरी तरह से गैर कानूनी है। जब कोई नागरिक किसी खाली पड़ी या अपनी खुद की जमीन पर भी कूड़ा डालता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान है। यही प्रावधान सरकारी विभाग और अधिकारियों पर भी लागू होता है। उन्होंने इस बाबत डीएम को पत्र भेजा है। कहा है कि यदि निगम अधिकारी यहां कूड़ा डाल रहे हैं तो उन पर एक्शन होना चाहिए। कहा है कि मेरठ डीएम यहां का निरीक्षण करें। देखें कि वहां जनता प्रभावित हो रही है या नहीं। यदि ऐसा है तो निगम अधिकारियों के खिलाफ धारा 133 में कार्रवाई करें।