क्यों की हत्या, यह अभी राज
सरबजीत की हत्या के पीछे आरोपियों का क्या मकसद था, यह राज नहीं खुला। इसको लेकर पीड़ित परिवार के लोगों के जेहन में अभी सवाल उठ रहे हैं। पुरानी रंजिश या फिर कोई लूट के विरोध का मामला सामने नहीं आया। आरोपी भी हत्या की वारदात करना कबूल नहीं कर रहे हैं। जबकि अक्सर पुलिस के सामने आरोपी हत्या जैसे गंभीर मामलों में प्रेसवार्ता करके मीडिया से आरोपियों को रूबरू कराया जाता है। इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
मेरठ में पहली बार हुआ ऐसा खुलासा
ऐसा खुलासा पहली बार मेरठ में होना माना जा रहा है। जिसमें गिरफ्तारी के लिए पुलिस को शिनाख्त परेड करानी पड़ी। जिसमें यह साबित हो कि यह हत्यारोपी हैं या नहीं। शनिवार दोपहर खरखौदा पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर पुलिस लाइन पहुंची। जहां पर सरबजीत सिंह की पत्नी संगीता को बुलाया गया।
पुलिस ने दस पुलिसवालों को सादी वर्दी में खड़ा किया। जिसमें तीनों आरोपी भी शामिल किए। संगीता से पहचान कराई गई। संगीता ने लोकेंद्र और नितिन को पहचान लिया। इंस्पेक्टर ने लोकेंद्र और नितिन से पूछताछ के बाद अंकित को नामजद करते गिरफ्तारी दर्शा दी। जिनको रविवार को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस के अनुसार नितिन आैर लोकेंद्र पर हापुड़ के सिंभावली थाने में लूट और गैंगेस्टर के मुकदमे दर्ज हैं।
पत्नी और बेटियों के सामने गोलियों से भून डाला था हेडकांस्टेबल
14 अक्तूबर 2018 को परीक्षितगढ़ थानाक्षेत्र के गांव बढ़ला निवासी दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल सरबजीत सिंह की हत्या हुई थी। सरबजीत सिंह अपनी पत्नी संगीता और दो बच्चों के साथ छुट्टी पर गांव आए थे।
घटना वाले दिन अपने मामा के गांव फकरपुर कबट्टा खरखौदा से धार्मिक कार्यक्रम से सेंट्रो कार से लौट रहे थे। खरखौदा में संपर्क मार्ग पर बदमाशों ने परिवार के सामने सरबजीत को गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसका मुकदमा अज्ञात बदमाशों के खिलाफ खरखौदा थाने में दर्ज हुआ था।
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