भाई को भर्ती कराने के लिए दिल्ली पुलिस के सिपाही ने यूपी पुलिस की लिखित परीक्षा दे दी। पुलिस लाइन में सोमवार को जब सिपाही भर्ती के लिए अभ्यर्थी की नापतौल हुई तो बॉयोमेट्रिक मिलान नहीं हुआ। एडमिट कार्ड की जांच में भी फोटो में अंतर पाया। अभ्यर्थी ने पूछताछ में बताया कि दिल्ली पुलिस में तैनात उसके भाई ने लिखित परीक्षा दी थी। आरोपी अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर सिविल लाइन थाने में केस दर्ज कराया गया है।
एसपी ट्रैफिक/मेरठ रेंज के नोडल अधिकारी संजीव वाजपेयी के अनुसार पुलिस लाइन में मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर के अभ्यर्थियों की नापतौल, शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन और दौड़ चल रही है। सोमवार को हापुड़ निवासी अभ्यर्थी सचिन कुमार पुत्र मुकेश सिंह की नापतौल हुई तो कंप्यूटर पर बायोमेट्रिक मिलान नहीं हुआ। फिंगर प्रिंट नहीं मिलने पर अभ्यर्थी के एडमिट कार्ड की जांच हुई तो एडमिट कार्ड के फोटो और लिखित परीक्षा के फोटो और हस्ताक्षर अलग-अलग मिले। फर्जीवाड़े का शक होने पर सिविल लाइन इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने सचिन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने लिखित परीक्षा नहीं दी, बल्कि दिल्ली पुलिस में तैनात उसके बड़े भाई कपिल कुमार ने दी थी।
नोडल अधिकारी के अनुसार इस मामले में दिल्ली पुलिस को भी जानकारी देकर सिपाही कपिल कुमार को बुलाया गया है। दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट भेजी जा रही है। भर्ती पैनल की तरफ से सचिन कुमार पुत्र मुकेश सिंह निवासी गांव बदनौली शहर कोतवाली हापुड़ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। इसमें दिल्ली पुलिस के सिपाही को भी आरोपी बनाया जाएगा। अभ्यर्थी की रिपोर्ट भर्ती बोर्ड को भेज दी गई है।