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'स्मॉग' से मिलेगी बड़ी राहत, दिल्ली-एनसीआर समेत इन जिलो में प्लान लागू

Tue, 30 Oct 2018 09:25 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो
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राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) द्वारा दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के आदेशों के क्रम में मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम ने मंडल के सभी जिलों में ‘ग्रैप’ (ग्रेडिड एक्शन प्लान) लागू किया है। इसके तहत 10 नवंबर तक सभी निर्माण कार्य, खनन, स्टोन क्रेशर, स्क्रीनिंग और हॉटमिक्स प्लांट बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। एनसीआर में चल रहे 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को भी जब्त करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। 

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मंगलवार को एक दिवसीय कार्यशाला में एनजीटी के आदेशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने अनुपस्थित 16 वरिष्ठ अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि एनजीटी के आदेशों का पूरी तरह सख्ती से पालन होना चाहिए। ‘ग्रैप’ का क्रियान्वयन उत्तरदायी विभागों द्वारा किया जाना है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, ट्रैफिक पुलिस, उद्योग विभाग के अधिकारियों को संयुक्त टीमें बनाकर प्रतिदिन सुबह और रात में निरीक्षण करने का निर्देश दिया।

आायुक्त ने बताया कि 1 नवंबर से 10 नवंबर तक विशेष सर्तकता बरती जाएगी। सभी ऐसे उद्योग जो कोल या बॉयो मास्क को ईंधन के रूप में प्रयोग करते हैं, बंद रहेंगे। इसमें थर्मल व वेस्ट एनर्जी प्लांट को छूट दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग को निर्देश दिया कि वह संबंधित विभागीय अधिकारियों से प्रतिदिन कार्यों की रिपोर्ट लें।

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पराली जलाई तो लगेगा अर्थदंड 
मंडलायुक्त ने जानकारी दी कि दो एकड़ से कम खेत वाले को पराली जलाने पर 2500 रुपये प्रति घटना, दो से पांच एकड़ वाले को 5000 रुपये प्रति घटना तथा पांच एकड़ से अधिक खेत वाले को 15000 रुपये प्रति घटना अर्थदंड का प्राविधान रखा गया है। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारी ज्यादा से ज्यादा प्रचार कराएं, ताकि जनता सजग हो सके। 

इन अधिकारियों का रोका वेतन 
मंडलायुक्त ने अनुपस्थित जिन 16 अधिकारियों का वेतन रोकने और कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है उनमें सभी जिलाधिकारियों द्वारा नामित वरिष्ठ अधिकारी, आरटीओ मेरठ, गाजियाबाद, उपायुक्त आवास विकास परिषद मेरठ, आरएम यूपीएसआईडीसी मेरठ व गाजियाबाद, पीडी एनएचएआई मेरठ व गाजियाबाद, उपाध्यक्ष गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, हापुड़-पिलुखवा विकास प्राधिकरण, बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण हैं।

इन श्रेणियों में हैं मेरठ और दूसरे शहर
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी आरके त्यागी ने बताया कि दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र के प्रदूषण को चार स्तर पर आंका गया है। जिसमें पीएम 2.5 का स्तर 91 से 120 व पीएम 10 का स्तर 251 से 350 माइक्रोग्राम होने पर मॉड्रेट टू पूअर श्रेणी में आता है। पीएम 2.5 का स्तर 121 से 250 व पीएम 10 का स्तर 351 से 430 माइक्रोग्राम होने पर वेरी पूअर में आता है। जबकि पीएम 2.5 का स्तर 250 से अधिक व पीएम 10 का स्तर 430 माइक्रोग्राम से अधिक होने पर घातक तथा पीएम 2.5 का स्तर 300 से अधिक व पीएम 10 का स्तर 500 से अधिक माइक्रोग्राम होने पर घातक प्लस की श्रेणी में रखा गया है। इस मानक के हिसाब से मंडल के गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर घातक व मेरठ वैरी पूअर श्रेणी में आते हैं।
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समीर ऐप से लें प्रदूषण की अपडेट 
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी आरके त्यागी ने बताया कि प्रतिदिन के प्रदूषण को जानने के लिए गूगल प्ले स्टोर से समीर ऐप को डाउनलोड कर प्रदूषण की जानकारी ला जा सकती है। 

ये रहे बैठक में मौजूद 
बैठक में उपाध्यक्ष एमडीए साहब सिंह, मुख्य अभियंता एमडीए दुर्गेश श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता लोनिवि राजपाल सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि सुनील कुमार अग्निहोत्री, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण विभाग एके तिवारी, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डा पीके जैन, टीआई यातायात बसंत सिंह, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एईई केएम श्रीवास्तव, आरएम यूपीएसआईडीसी गौतमबुद्धनगर अजय दीप सिंह मौजूद रहे।

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