दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे : अब एक से चार मार्च तक होगा गार्डर रखने का काम
मेरठ/परतापुर। एक बार फिर परतापुर तिराहे के नजदीक रेलवे लाइन पर गार्डर रखने जाने का समय आगे बढ़ा दिया गया है। मंगलवार तक रात के समय गार्डर रखने के लिए सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया था। लेकिन रेलवे द्वारा ब्लॉक न दिए जाने के कारण इस कार्य को अब एक से चार मार्च के बीच किया जाएगा।
एनएचएआई अधिकारी अब दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का कार्य तेज रफ्तार से करना चाहते हैं। जिससे जून-2020 तक लक्ष्य को पूरा किया जा सके। वहीं, होली से पहले एक बार फिर एनएचएआई चेयरमैन सुखबीर सिंह संधू दौरा करने के लिए आ सकते हैं। इसी को देखते हुए परतापुर तिराहे पर इंटरकनेक्टर के लिए किए जा रहे कार्य को निपटाया जा रहा है। जिससे कोई भी कमी उनके सामने न आ सके। रेलवे लाइन पर दोनों साइड कनेक्टिविटी करने के लिए 12 गार्डर रखे जाने हैं। दो दिन पहले एनएचएआई चेयरमैन सुखबीर सिंह संधू और डीजीएम ने इंजीनियरों के साथ मेरठ में बैठक कर एक्सप्रेसवे के कार्य की प्रगति देखी थी। इसके बाद उन्होंने एक्सप्रेसवे का कार्य रात में भी करने के निर्देश दिए थे।
बिजली केबल किए अंडरग्राउंड
इंजीनियरों ने बुधवार को परतापुर तिराहे पर सर्विस रोड के लिए बिजली के केबलों को अंडरग्राउंड करना शुरू कर दिया है। इसके चलते परतापुर गांव सहित कई गांवों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को कुछ समय के लिए बंद किया जाएगा। वहीं, भूड़बराल रजबहे से लेकर परतापुर फ्लाईओवर तक के 19 होर्डिंग्स एक्सप्रेसवे के कार्य में बाधक बने हुए हैं। इंजीनियरों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों को होर्डिंग्स हटवाने के लिए कहा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं, सोलाना गांव के पीछे एक्सप्रेसवे के बीच में आ रहे एचटी लाइन के खंभे को हटाने का कार्य बुधवार से शुरू कर दिया गया।