दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में अब किसानों का मुआवजे को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। 20 अगस्त तक का समय खत्म होने के बाद मेरठ इलाके के किसानों के सब्र का बांध भी टूटने लगा है। बृहस्पतिवार को किसान नेताओं ने बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
उन्होंने कहा गाजियाबाद जिलाधिकारी के अवकाश से लौटने के बाद अब कोई आश्वासन नहीं चलेगा। उन्होंने कहा 20 अगस्त तक जमीन के मुआवजा का प्रकरण को निपटाने का वादा किया गया था।
सपा नेता पवन गुर्जर का कहना है कि जिलाधिकारी गाजियाबाद ने किसानों की मांगों को लेकर जो आश्वासन दिया था, यदि उन मांगों को अवकाश से लौटने पर पूरा नहीं किया गया तो अब और समय शासन-प्रशासन को नहीं दिया जाएगा।
जिस पर किसान तत्काल ही रणनीति बनाकर एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को पूरी तरह रुकवा कर हाईवे पर अपने पशुओं को बांधकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह सरकार पूरी तरह किसान विरोधी है। इस मौके पर किसान नेता महबूब अली, निशांत भड़ाना, जोनी अछरोड़ा, जयचंद भूड़बराल, हाजी जुनैद काशी आदि मौजूद रहे।