शामली जिले के बाबरी से गुजर रहा दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे
- शामली जिले में बुटराड़ा और लांक में इंटरचेंज, सर्विस लेन का कार्य है अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बरसात खत्म होने के बाद इसी साल के अक्तूबर के आखिर तक दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे का कार्य पूरा हो जाएगा। एक्सप्रेसवे पर हल्के और भारी वाहन दौड़़ने की अनुमति मिलने पर इसे आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा।
दिल्ली-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाला दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण पिछले ढाई साल से चल रहा है। पिछले सात माह से इस एक्सप्रेसवे को चालू करने के लिए निर्माण एजेंसियों पर दबाव है। मौजूदा समय में निर्माण एजेंसियों पर अक्तूबर के आखिर तक एक्सप्रेसवे का कार्य पूरा करके चालू करने का लक्ष्य दिया गया है। हालांकि ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से लेकर सहारनपुर जिले के गणेशपुर चौक तक कार्य पूरा हो चुका है।
दूसरे फेस में शामली के मेरठ-करनाल हाईवे से बागपत जिले में एक्सप्रेसवे के उपरिगामी पुलों और जिले में लांक से लेकर बुटराड़ा तक सर्विस लेन और इंटरचेंज को छोड़कर बाकी कार्य कार्य पूरा हो चुका है। बरसात खत्म होने के बाद अक्तूबर के आखिर तक एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। नवंबर माह में आम नागरिकों के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को खोला जाएगा। बागपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक्सप्रेस वे के लोकार्पण करने की संभावना जताई गई है।
बागपत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साइट इंजीनियर राजन पांडे ने बताया कि एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा करने का निर्माण एजेंसियों को अक्तूबर के आखिर तक लक्ष्य दिया गया है। बरसात के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। बरसात खत्म होने के बाद निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
- खेड़ा मस्तान से लेकर राजपुर-छाजपुर तक हाईटेंशन लाइन एक्सप्रेसवे निर्माण में बनी बाधक
शामली। दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे की जद में खेड़ामस्तान से लेकर राजपुर-छाजपुर तक 600 केवी बिजली की हाईटेंशन लाइन निर्माण में बाधा बनी है। हाईटेंशन लाइन हटने के लिए अनुमति तो मिल गई है। निर्माण एजेंसी बिजली के दो खंभे की फाउडेंशन तैयार हो चुकी है। अगले एक माह में हाईटेंशन लाइन हटने से एक्सप्रेसवे निर्माण की बाधा खत्म हो जाएगी।