सेना का इस मामले में कहना था कि वर्ष 2011 में रक्षा मंत्रालय के आदेश पर मेरठ सहित 62 छावनियों में लोकल मिलिट्री एथॉरिटी ने छावनी में की-लोकेशन एरिया का चिह्नित किया था। की-लोकेशन एरिया में ऐसे क्षेत्र को शामिल किया गया, जहां सेना भविष्य में नई सामरिक संरचना का निर्माण, नई यूनिट की तैनाती सहित अन्य कार्य कर सके। की-लोकेशन एरिया के पास जमीन खरीद-फरोख्त रोकना ही नहीं, उसके रास्ते को बंद करने, गेट लगाने, बैरियर लगाने का अधिकार सेना के पास है। सेना के अनुसार खटकाना पुल, कसेरूखेड़ा, आरए बाजार, तोपखाना, भूसामंडी साउदर्न रोड सेना की वर्ष 2011 में तय किए गए की-लोकेशन एरिया में आते हैं।
गेट खुलवाने को लेकर हमने रक्षा मंत्री से बात की थी। रक्षा मंत्री के इस आदेश से शहर के लाखों लोगों को फायदा होगा। सेना को जल्द से जल्द आदेश का पालन कर बंद गेटों को खोल देना चाहिए। कई ओर दूसरे मुद्दों जो कांफ्रेंस में उठाए गए थे, उन पर भी रक्षा मंत्रालय विचार कर रहा है।
-बीना वाधवा, उपाध्यक्ष कैंट बोर्ड
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