पटाखे चलाने या अन्य कोई भी हानिकारक पदार्थ या केमिकल जलाने पर उससे निकलने वाली प्रदूषित गैस वायुमंडल में अधिक ऊंचाई पर नहीं जा पाती है। इसका सीधा असर श्वसन तंत्र पर पड़ता है। दिल, फेफड़े, अस्थमा सहित मरीजों के लिए विषैली गैसें अधिक हानिकारक होती हैं। पटाखों से नाइट्रोजनडाईऑक्साइड, कार्बनडाईऑक्साइड, सल्फर डाईऑक्साइड, अमोनियम क्लोराइड, कार्बन मोना ऑक्साइड व हेवी मैटल की गैसेज निकलती है, जो बेहद नुकसानदेह हैं।
रंग बिरंगी मिठाइयों से रहें दूर
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही का कहना है कि त्योहारों के मौके पर खोया और रंग बिरंगी मिठाइयों के सेवन से दूर रहना चाहिए। सिंथेटिक खोया, केमिकल रंग से बने मिठाइयों के सेवन से आंत्रशोध, अल्सर, त्वचा रोग बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। मिलावटी खाद्य सामग्री किडनी और लीवर को भी नुकसान पहुंचाती है।
हो सकती है गंभीर बीमारियां
फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के कारण आपकी सेहत दांव पर लग सकती है। लगातार सेवन से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी घेर सकती है। यूरिया मिलाकर और प्रतिबंधित इंजेक्शन लगाकर निकाले गए दूध के सेवन हार्मोनल समस्या हो सकती है।
आंतों को पहुंचाते हैं नुकसान
फिजिशियन डॉ. विश्वजीत बैंबी का कहना है कि मिलावटी घी और तेल आदि हमारी आंतों को नुकसान पहुंचाते हैं। केमिकल की मिलावट से लिवर को भी नुकसान होता है। ज्यादा समय तक उपयोग के कारण समय से पहले मधुमेह सहित अन्य रोग भी हो सकते हैं।
पटाखों से निकली गैस हानिकारक
सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉक्टर वीरोत्तम तोमर ने बताया कि पटाखों से निकलने वाली विषैली गैसेज सामान्य व्यक्ति के लिए हानिकारक व मरीजों के लिए घातक है। पटाखे अस्थमा, सीओपीडी, एलर्जी और पोस्ट कोविड-19 मरीजों के लिए बहुत घातक हैं। श्वास नलियों में इन हानिकारक गैसों के अंदर जाने से म्यूकोषा में सूजन आ जाती है। आंखों की बीमारियां हो जाती हैं। त्वचा रोग हो सकते हैं।
मेडिकल और जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अलर्ट
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अलर्ट किया या है। चिकित्सकों की राउंड द क्लॉक ड्यूटी लगाई गई है। आग से झुलसे या सांस के मरीजों के लिए इलाज के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सीय टीम और सतर्क रहने और हर समय उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं।