फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दीनदयाल उपाध्याय भाजपा के नायक : आडवाणी

Tue, 29 Sep 2015 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि भाजपा आज जिस मुकाम पर है, उसका श्रेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय को जाता है। उन्होंने पार्टी को बुलंदी पर पहुंचाया, सींचकर बड़ा किया। आडवाणी सीसीएसयू के नेताजी सुभाषचंद्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
विज्ञापन


समारोह पंडित दीनदयाल उपाध्याय सेवा संस्थान ने आयोजित किया। लालकृष्ण आडवाणी ने कहा मेरठ आकर वह काफी खुश हैं। सालों बाद आना हुआ है। दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशती के किसी भी कार्यक्रम में वह यहां पहली बार आएं हैं। बड़ी-बड़ी महान शख्सियत के साथ उठने बैठने, वार्तालाप करने का मौका मिला है। महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल और पंडित जवाहर लाल नेहरू, इनको देखने और मिलने का मौका मिला। काफी कुछ इनसे सीखा।

आडवाणी ने कहा इतने लंबे कार्यकाल में वह काफी लोगों से मिले हैं। भाजपा और आरएसएस के एक-एक पदाधिकारी को वह जानते हैं। दीनदयाल उपाध्याय के बारे में कहा कि वह अद्भुत व्यक्ति थे। वह उनके सबसे निकट रहे। शुरू से लेकर आखिर तक उनका साथ रहा। जब उनकी मौत की खबर मिली तो महानगर अध्यक्ष होने के नाते मैं हाउस में बोल रहा था। सूचना मिली कि मुगलसराय पहुंचने पर ट्रेन से उन्हें धक्का दे दिया।
विज्ञापन


गिरकर उनकी मौत हो गई। हाउस में बोलते-बोलते मूक हो गया। आंखों में आंसू आ गए। हाउस एडर्जन कर दिया गया। कार्यक्रम में संस्थान के पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। इस मौके पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल, मेयर हरिकांत अहलुवालिया, विधायक रवींद्र भड़ाना, डॉ. ब्रजभूषण शर्मा, डॉ. विनोद कुमार शर्मा, एमएस जैन, शकुंतला कौशिक, विवि के प्रतिकुलपति प्रो. एचएस सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज, ललित नागदेव, नरेंद्र उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

तिरंगा डॉक्यूमेंट्री ने भरा जोश
कार्यक्रम में आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी ने भी हिस्सा लिया। उनकी डॉक्यूमेंट्री तिरंगा दिखाई गई। करीब एक घंटे की डॉक्यमेंट्री में तिरंगे के इतिहास के बारे में विस्तार से बताया गया। सम्राट अशोक से लेकर भारत की आजादी तक किस तरह झंडे क्रांति, विद्रोह, देशभक्ति, साहस और बलिदान का संकेत बने, यह दर्शाया गया। तिरंगे की कहानी और उसमें देशभक्ति गीतों के तराने ने युवाओं को जोश से भर दिया। नेताजी सुभाषचंद्र बोस प्रेक्षागृह में युवा अपनी सीट से खड़े होकर भारत माता की जय के नारे लगाने लगे। कुछ कॉलेजों ने डॉक्यूमेंट्री की सीडी की डिमांड भी की। लालकृष्ण आडवाणी ने भी डॉक्यूमेंट्री से सीख लेने और उसका सम्मान करने की हिदायत दी। प्रतिभा आडवाणी ने कहा वह सौभाग्यशाली है कि उनका जन्म दादा (लालकृष्ण आडवाणी) के घर हुआ। श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय की बातें बचपन से सुनी हैं।
 
आडवाणी ने प्रशंसकों को किया निराश
लालकृष्ण आडवाणी को सुनने के लिए काफी संख्या में लोग आए थे। लेकिन वह ज्यादा कुछ नहीं बोले। डॉक्यूमेंट्री देखने के बाद बस यह कहा कि अब राष्ट्रगान के अलावा भाषण देने का मतलब नहीं है। दीनदयाल उपाध्याय जी से जुड़े संस्मरण लोग सुनने आए थे। जिनके नाम पर कार्यक्रम हुआ, उनका जिक्र सबसे कम हुआ। कार्यक्रम डॉक्यूमेंट्री पर फोकस होकर रह गया। दर्शक निराश होकर लौटे। लाल कृष्ण आडवाणी ने मीडिया से भी बात करने से मना कर दिया। कार्यक्रम से पहले वह विवि के गेस्ट हाउस में गए थे। वहां कुछ देर आराम करने के बाद कार्यक्रम में पहुंचे। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें