पश्चिमी उत्तर प्रदेश तेजी से तरक्की की सीढ़ी चढ़ रहा है, लेकिन लिंगानुपात भी चिंता का विषय है। यहां पर दूसरे राज्यों की टीम भ्रूण की लिंग जांच के मामले पकड़ती है, लेकिन यहां की टीमों के हाथों में कुछ नहीं लगता है। यह स्थिति चिंताजनक है जिसमें सुधार आना चाहिए। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत आयोजित तीन मंडलों की क्षेत्रीय कार्यशाला में कमिश्नर आलोक सिन्हा ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि सूचना तंत्र बढ़ाकर अल्ट्रासाउंड सेंटरों के ऊपर नजर रख औचक निरीक्षण किये जाए और फिर सख्ती से कार्रवाई की जाए। लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज स्थित क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित कार्यशाला में मुरादाबाद, मेरठ और सहारनपुर के हर जिले में पीसीपीएनडीटी की विस्तार से समीक्षा एवं चर्चा की गई। कमिश्नर आलोक सिन्हा ने कहा कि अब व्यापक पैमाने पर कार्रवाई की जानी चाहिये। इस मौके पर अपर निदेशक डॉ. मंजू वैश्य शर्मा ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में डॉ. शशि अग्निहोत्री एडी सहारनपुर मंडल, संयुक्त निदेशक डॉ. रेनु गुप्ता, डॉ. अंजू जोधा आदि मौजूद रहे।