सार
सौरभ राजपूत हत्याकांड में भाई राहुल के मुताबिक, सौरभ के लापता होने के दौरान उसके व्हाट्सएप स्टेटस पर पहाड़ों और बर्फ की तस्वीरें अपडेट की जाती रहीं। सीमेंट से भरे नीले ड्रम की जांच में भी पुलिस को शुरुआती उलझन हुई थी।
सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान और उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई है। हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस के सामने कई ऐसे तथ्य आए, जिन्होंने मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। सौरभ के लापता होने के बाद उनके मोबाइल से व्हाट्सएप स्टेटस अपडेट किए जाते रहे, ताकि परिवार गुमराह होता रहे। जबकि परिवार बेटे के साथ अनहोनी के शक में उसकी तलाश में जुटा था। सौरभ के भाई राहुल उर्फ बबलू के मुताबिक, स्टेटस पर पहाड़ों और बर्फ की तस्वीरें तो दिखाई देती थीं, लेकिन उनमें सौरभ खुद नजर नहीं आते थे। इसी बात से उन्हें संदेह हुआ।
डांस करते हुए साहिल और मुस्कान
- फोटो : वीडियो ग्रैब
सौरभ के मोबाइल से अपडेट होते रहे व्हाट्सएप स्टेटस
सौरभ के भाई राहुल उर्फ बबलू ने बताया कि उनका भाई 7 मार्च 2025 से लापता था। इस दौरान मुस्कान सौरभ का मोबाइल अपने पास लेकर प्रेमी साहिल के साथ हिमाचल प्रदेश के कसोल चली गई थी। राहुल के मुताबिक, सौरभ के मोबाइल से मुस्कान पहाड़ों और बर्फ की तस्वीरें व्हाट्सएप स्टेटस पर लगा रही थी, ताकि परिवार को लगे कि सौरभ कहीं घूमने गया है और सुरक्षित है। भाई ने बताया कि हम उस वक्त यही सोचते कि मुस्कान और सौरभ साथ ही घूम रहे हैं।
राहुल के अनुसार स्टेटस पर सौरभ की खुद की कोई तस्वीर नहीं होती थी। इसी बात ने राहुल का संदेह बढ़ाया। बाद में पुलिस ने मुस्कान के पास से ही सौरभ का मोबाइल बरामद किया। राहुल के अनुसार, मोबाइल की गैलरी में मुस्कान की सौरभ के साथ कसोल की कई तस्वीरें और वीडियो भी मिले।
मुस्कान रस्तोगी
- फोटो : संवाद
किराए के मकान पर पहुंचने के बाद बढ़ा शक
राहुल ने बताया कि दो तीन दिन तक गौर करने के बाद सौरभ की तलाश करते हुए वह उसके किराए के मकान पर पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ था। फोन पर संपर्क करने पर मुस्कान ने कहा कि वह अपने मायके में है और उसे सौरभ के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
राहुल को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने आसपास पूछताछ शुरू कर दी। इसी दौरान मुस्कान अपने प्रेमी साहिल के साथ वहां पहुंची। राहुल के मुताबिक, जब उन्होंने दोनों से सवाल किए तो वे चुप हो गए। इसके बाद राहुल घर के भीतर गए, जहां उन्हें बदबू महसूस हुई। उन्होंने इसकी सूचना ब्रह्मपुरी पुलिस को दी।
साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी
- फोटो : अमर उजाला
सीमेंट से भरे ड्रम ने पुलिस को भी उलझाया
पुलिस की जांच के दौरान मुस्कान ने कथित तौर पर बताया कि घर में रखे नीले ड्रम में सौरभ का शव है। जानकारी मिलने पर फैंटम पुलिस के दो सिपाही मौके पर पहुंचे। हालांकि, उन्हें ड्रम में शव के बजाय सूखा हुआ सीमेंट मिला। इसके बाद वे वापस लौट गए और वरिष्ठ अधिकारी को बताया कि ड्रम में शव नहीं है।
इसके बाद पुलिस मुस्कान को दोबारा मौके पर लेकर आई और साहिल को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, आगे की पूछताछ में दोनों के बयानों और जांच से शव छिपाने की घटना से जुड़ी जानकारी सामने आई। तब जाकर पुलिस को पता चला कि जिस ड्रम को पुलिसकर्मी देखकर जा चुके थे, उसी ड्रम में सीमेंट के भीतर सौरभ के शव के टुकड़े चिने गए थे।
पेशी पर लाया गया साहिल शुक्ला।
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18 मार्च को दर्ज हुई थी शिकायत
वारदात के दौरान ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी रहे रमाकांत पचौरी, जो वर्तमान में क्राइम ब्रांच में तैनात हैं, ने बताया कि राहुल ने 18 मार्च को सौरभ के लापता होने की सूचना दी थी। राहुल को शक था कि मुस्कान और साहिल ने सौरभ की हत्या कर दी है।
पचौरी के मुताबिक, शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद मुस्कान और फिर साहिल शुक्ला को हिरासत में लेकर थाने में पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि शुरुआत में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में हत्या और शव बरामद कराने से संबंधित जानकारी सामने आई।
सौरभ हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
मुस्कान के एक बयान से गहराया संदेह
तत्कालीन थाना प्रभारी रमाकांत पचौरी के अनुसार, पूछताछ के दौरान मुस्कान ने अचानक कहा कि सौरभ को उसने नहीं, बल्कि उसके घरवालों ने मारा है। इस बयान ने जांच अधिकारी और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का संदेह बढ़ा दिया।
पुलिस के सामने उस समय सौरभ के लापता होने और उनके ठिकाने का सवाल था। ऐसे में मुस्कान का यह कहना कि सौरभ की हत्या उनके घरवालों ने की है, जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ तेज की और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की।
सौरभ हत्याकांड, साहिल-मुस्कान
- फोटो : अमर उजाला
मां के घर से लाई कोफ्ते की सब्जी में नशीली दवा मिलाई
पुलिस के अनुसार, मुस्कान ने पूछताछ में बताया था कि वारदात की रात सौरभ अपनी मां रेनू देवी के घर गए थे और वहां से कोफ्ते की सब्जी लेकर आए थे। आरोप था कि मुस्कान ने इसी सब्जी में नशीली दवा मिला दी थी। सौरभ के बेसुध होने के बाद उसने साहिल को घर बुलाया। इसके बाद दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की और शव के टुकड़े किए।
पुलिस के मुताबिक, आधी रात को शव को वॉशरूम में ले जाकर चाकू और उस्तरे से काटकर टुकड़े किए गए गया था। फिर शव और हथियारों को धोया गया।
सौरभ हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
2023 में सामने आई थी मोबाइल चैटिंग
राहुल के मुताबिक, वर्ष 2023 में सौरभ ने मुस्कान और साहिल के बीच मोबाइल चैटिंग देख ली थी। इसके बाद पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने लगा। राहुल ने बताया कि संबंधों को लेकर विवाद बढ़ने के बाद साहिल भी मुस्कान पर शादी करने का दबाव बनाने लगा था।
राहुल के अनुसार, वारदात से करीब दो साल पहले सौरभ और मुस्कान के तलाक के कागजात भी तैयार हो गए थे, लेकिन बाद में दोनों ने साथ रहने पर सहमति बना ली थी। इसके बावजूद उनके रिश्ते में तनाव बना हुआ था।
इस मामले की जांच में सौरभ के मोबाइल से अपडेट हुए स्टेटस, परिवार की शिकायत, पुलिस पूछताछ और आरोपियों के बयानों से जुड़े तथ्य अहम रहे। पुलिस ने इन्हीं कड़ियों के आधार पर वारदात और शव छिपाने के घटनाक्रम की पड़ताल की। आखिरकार 14 अक्तूबर को जिला जज की अदालत ने दोषी मुस्कान और साहिल को इस क्रूर कृत्य के लिए फांसी की सजा सुनाई।