अमित अग्रवाल और अभिनव अग्रवाल की फाइल फोटो।
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केजीपी (कुंडली-गाजियाबाद-पलवल) एक्सप्रेसवे पर सोमवार को हुए हादसे में दो व्यापारी दोस्तों अभिनव अग्रवाल उर्फ अंशुल (42) और अमित अग्रवाल उर्फ सोनू (40) की मौत हो गई थी। सोमवार रात उनके शव मेरठ लाए गए, तो बदलकर एक-दूसरे के घर पहुंच गए। मंगलवार सुबह अभिनव के परिजनों ने जब शव को स्नान कराना शुरू किया, तो इसकी जानकारी हुई। बताया गया है कि नाम का स्टीकर गलत लगने के कारण यह चूक हुई।
अभिनव के परिजन मंगलवार को अमित के घर एंबुलेंस में शव लेकर शास्त्रीनगर स्थित उनके घर पहुंचे। तब अमित का शव सौंपा और अभिनव का शव लेकर स्वामीपाड़ा अपने आवास पर लौटे। इसके बाद दोनों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
अभिनव अग्रवाल उर्फ अंशुल की बुढ़ाना गेट पर स्वामीपाड़ा में जवाहर बुक डिपो के नाम से दुकान है। अभिनव के दोस्त शास्त्रीनगर निवासी अमित अग्रवाल उर्फ सोनू की भी पूजा पाठ सामग्री की शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में पूजा पाठ की सामग्री की दुकान है। जन्माष्टमी पर दुकान पर बिक्री के लिए पूजा पाठ की सामग्री और अन्य धार्मिक सामान लेने के लिए दोनों दोस्त सोमवार को मथुरा-वृंदावन, आगरा के लिए निकले थे। कार अभिनव अग्रवाल चला रहे थे। आगे की सीट पर ही अमित अग्रवाल बैठे थे। ट्राला में पीछे से कार घुसने के कारण दोनों की मौत हो गई थी।
सूचना मिलने पर परिजन पलवल के लिए रवाना हो गए थे। भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, विधायक अमित अग्रवाल, अरुण वशिष्ठ, विवेक वाजपेयी, पंकज गोयल, संदीप रेवड़ी, मयूर अग्रवाल आदि ने अभिनव के घर पहुंचकर परिवार के ढांढस बंधाया।