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दंपती की मौत: घर में बची बुजुर्ग दादी विमला, चला गया इकलौता कमाने वाला, अब कैसे पालेगी छह बच्चों को

Fri, 10 Oct 2025 10:13 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: जानी में प्रमोद और उसकी पत्नी रेखा की करंट लगने से मौत हो गई। मां-बाप का साया एकसाथ उठने के बाद पांच बेटी और एक बेटे का रो-रोकर बुरा हाल था। दादी विमला कभी रोती तो कभी बेबसी के साथ छह बच्चों को देखती रही।
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दादी विमला के साथ बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जानी थाना क्षेत्र के गांव अफजलपुर पावटी में बृहस्पतिवार सुबह बिजली का करंट (इमर्शन रॉड) लगने से दंपती की मौत हो गई। इमर्शन रॉड से बाल्टी में पानी गर्म करने समय करंट लगने से पहले कार चालक प्रमोद (42) की मौत हुई। पति को बचाने के प्रयास में पत्नी रेखा (40) की भी करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। करवाचौथ से एक दिन पहले दंपती की मौत होने से परिवार में गम पसर गया है। परिजनों के साथ ही पूरे गांव में शोक व्याप्त है।
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प्रमोद और रेखा की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
गांव अफलजपुर पावटी निवासी जयप्रकाश का बेटा प्रमोद (42) निजी कार चालक था। बृहस्पतिवार अल सुबह चार बजे प्रमोद ने नहाने के लिए बिजली की इमर्शन रॉड से बाल्टी में पानी गर्म करने के लिए रखा था। इस दौरान पास ही लगे इन्वर्टर में कुछ खराबी आ गई। प्रमोद उसे ठीक करने लगा तो इन्वर्टर से अचानक करंट ने झटका दे दिया। इससे वह पास रखी बिजली की इमर्शन रॉड लगी पानी से भरी बाल्टी के ऊपर गिर गया। 
 

प्रमोद के गिरने से बाल्टी का पानी बिखर गया। बिजली की रॉड से बिखरे पानी में करंट उतर आया। पानी में करंट उतरने से प्रमोद छटपटाने लगे। पति को करंट से छटपटाते हुए देख पत्नी रेखा बचाने के लिए आगे बढ़ी, लेकिन उसे भी करंट लगा तो चंद मिनट में दोनों की मौत हो गई। 
 

करंट से दोनों की मौत की जानकारी बेटी और बच्चों को हुई तो चीख पुकार मच गई। प्रमोद के घर से बच्चों के रोने की आवाज सुन आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने आकर कानूनी कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम कराने की बात कही, परिजनों ने कानूनी कार्यवाही करने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद परिजन ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया।
 

छह बच्चों के सिर से एक साथ उठा मां-बाप का साया
प्रमोद और उनकी पत्नी रेखा की मौत से छह बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ गया। दंपती की पांच पुत्री और एक पुत्र है। बड़ी बेटी आरती (21), कशिश (17), वंशिका (13), वर्षा (11), देविका (8) और पुत्र मोहन (10) है। प्रमोद के बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। दंपती बड़ी बेटी की शादी की तैयारी में लगा था। सभी बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। छोटी बेटी देविका और बेटा मोहन बिलख रहे थे। बड़ी बेटी आरती रोते हुए अपनी बहनों को गले लगाती तो कभी दीवार में जाकर सिर मारने लगती। माता-पिता की मौत से सभी बहन भाई बदहवास हो गए।

बच्चों के सिर पर कौर रखेगा हाथ
दंपती की मौत पर गांव अफजलपुर पावटी में मातम पसर गया। ग्रामीण अपनी शोक संवेदना प्रकट करने के लिए प्रमोद के घर जमा होने लग गए और शाम तक यही प्रक्रिया चलती रही। हर किसी की जुबां पर बस यही बात थी कि अब प्रमोद के बच्चों को कौन पालेगा। प्रमोद, घर की अकेले जिम्मदारी निर्वहन कर रहे थे। प्रमोद और उसकी पत्नी रेखा की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। अंतिम यात्रा में शामिल रहे ग्रामीणों की आखों में आंसू थे।
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प्रमोद की बुजुर्ग मां कैसे पालेगी छह बच्चों को
प्रमोद के परिवार में अब उसकी बुजुर्ग मां विमला ही बची है। आठ साल पूर्व प्रमोद के पिता की मौत हो चुकी है। प्रमोद सहित तीन भाई थे। बडे़ भाई जितेन्द्र की तीन साल पहले मौत हो गई है। दूसरा भाई परिवार सहित नोएडा में रहता है। मां विमला का प्रमोद की मौत के बाद से रो रोकर बुरा हाल है। विमला ने बताया कि प्रमोद घर का अकेला कमाने वाला था। प्रमोद और रेखा की मौत के बाद उसके छह बच्चों को पालने की जुम्मेदारी उस पर आ गई है। पहले से ही घर की माली हालत खराब थी। अब घर कैसे चलेगा। बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी।
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