108 एंबुलेंस सेवा प्रभारी गिरीश पुरोहित ने बताया कि घटना की शिकायत उन्हें मिल गई थी। रात करीब साढ़े 11 बजे वह जिला अस्पताल पहुंचे थे। उस समय भी एंबुलेंस में एक नहीं, ऑक्सीजन के तीन सिलेंडर रखे थे। रोगी के बारे में पता चला कि वह काफी समय से बीमार था। उसकी हालत ठीक नहीं रहती थी। एंबुलेंस में लाते समय मरीज की देखरेख में लापरवाही की जांच कराई जा रही है।
स्टाफ पर लगते रहे हैं आरोप
जनपद में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं चल रही हैं। यह पहला वाकया है कि एंबुलेंस में मरीज को ऑक्सीजन न देने की वजह से मरीज की मौत हुई है। मगर एंबुलेंस स्टाफ पर मरीज को ले जाने के लिए अवैध वसूली के अलावा उत्पीड़न करने के आरोप लगते रहे हैं।
सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी ने बताया कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी से मरीज की मौत का मामला बेहद गंभीर है। इसकी जांच करा रहे हैं। डॉ. एके त्रिपाठी को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच में यदि एंबुलेंस का स्टाफ जिम्मेदार पाया जाता है तो निश्चित रूप से विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
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