परीक्षितगढ़ (मेरठ)। उन्नाव जिला कारागार में तैनात रहे परीक्षितगढ़ थाने के गांव आलमगिरपुर बढ़ला 8 निवासी सिपाही गुरप्रीत सिंह उर्फ हैरी (28) की मेरठ अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार को मौत हो गई। सिपाही के शव का दाह संस्कार चाचा गुरदीप के पुत्र युवराज सिंह ने किया। गांव में शोक है और परिवार का रोकर बुरा हाल है।
गुरप्रीत सिंह वर्ष 2019 में पुलिस फोर्स में भर्ती हुए थे। वे उन्नाव जिला कारगर में तैनात थे। वह बीमारी के चलते छुट्टी पर आए हुए थे। उनका उपचार मेरठ के एक निजि अस्पताल में चल रहा था। रविवार शाम उपचार के दौरान गुरप्रीत की मौत हो गई। मौत की खबर लगने पर पुलिस महकमे व गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
देर रात पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव घर घर लाया गया। परिवार में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचे। नम आंखों से ग्रामीणों ने पीडि़त परिजन को ढांढस बंधाया। सोमवार को सुबह खरखाली गांधी गंगा घाट पर पुलिस ने सिपाही को सलामी दी। इसके बाद यही पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
दीपावली की खुशियां मातम में तब्दील
गुरप्रीत सिंह की शादी पड़ोसी गांव खटकी निवासी विनिता के साथ हुई थी। दंपती के माह का पुत्र कैरी है। गुरप्रीत सिंह के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। अब गुरप्रीत सिंह की मौत से परिवार की दीपावली की खुशियां मातम में बदल गईं।