Meerut News: श्यामनगर में किराना दुकानदार अरशद की बेटी अक्सा की गोली लगने से मौत हो गई। लहूलुहान बहन को उसका भाई अब्दुल अस्पताल बाइक से लेकर पहुंचा, मगर उसे बचाया नहीं जा सका। दूल्हे समेत कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के श्यामनगर में सोमवार देर रात शादी के दौरान हर्ष फायरिंग में किराना दुकानदार अरशद की बेटी अक्सा (20) की पेट में गोली लगने से मौत हो गई। अक्सा ने इसी वर्ष इंटर पास किया था। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। बरात में फायरिंग करने वाले बाकी लोग मौके से भाग गए। पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें तलाश रही है।
विज्ञापन
अक्सा के पिता और अन्य परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
श्यामनगर 20 फुटा रोड निवासी अक्सा के भाई अब्दुल समद ने बताया कि कॉलोनी के हाजी शाहनवाज के बेटे सुहेल की बरात फफूंडा गांव के पास किंग पैलेस में जानी थी। रात करीब 10 बजे चढ़त के दौरान कुछ बरातियों ने जमकर फायरिंग की।
उनकी बहन अक्सा दादा यासीन के मकान की छत पर खड़ी बरात देख रही थी। अचानक एक गोली अक्सा के पेट में आकर लग गई। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। अब्दुल अपने एक साथी के साथ बहन को बाइक पर लेकर तुरंत बागपत रोड स्थित केएमसी अस्पताल पहुंचे। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
दूल्हे समेत तीन नामजद, 20-25 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि मृतका के पिता अरशद की तहरीर पर दूल्हे सुहेल, उसके भाई साकिब और पिता हाजी शाहनवाज को नामजद और 20-25 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी है।
बहन की जान बचाने के लिए भाई बाइक पर ही लेकर पहुंचा अस्पताल
बहन अक्सा (20) को बचाने के लिए भाई अब्दुल समद बाइक पर ही उसे लेकर अपने साथी के साथ दौड़ा। केएमसी अस्पताल पहुंचने पर उसने दम तोड़ दिया। उसे अफसोस है कि वह अपनी बहन की जान नहीं बचा सका। उधर युवती की मौत होने पर कॉलोनी में सन्नाटा पसर गया। बरात में शामिल लोग मौके से भाग खड़े हुए। शादी वाले घर में भी अफरातफरी मच गई और खुशियां मातम में बदल गईं।
पढ़-लिखकर काबिल बनना चाहती थी बेटी
लिसाड़ी गेट क्षेत्र के श्यामनगर निवासी अरशद घर के बाहर ही किराना की दुकान करते हैं। अक्सा की मौत से पिता अरशद, मां साजिदा, बड़ी बहन निदा, अलीना, भाई अब्दुल समद, छोटे भाई अब्दुल आहद और छोटी बहन हिफ्जा का रोकर बुरा हाल है। पिता अरशद ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ लिखकर काबिल बनना चाहती थी। मगर इंटर के बाद किसी कारण से उसका बीए में एडमिशन नहीं हो सका था। लेकिन इस बार उसका एडमिशन जरूर कराते।
पिता कर रहे थे बरात में जाने की तैयारी
कॉलोनी में ही शादी थी और पूरी कॉलोनी को बरात में निमंत्रण मिला था। अक्सा के पिता अरशद भी बरात में जाने की तैयारी में थे। वह तैयार होकर बरात में शामिल हो गए थे। इसी दौरान बेटी ने दादा यासीन के घर बरात देखने की बात कही। दूल्हे और यासीन का घर आमने-सामने हैं। अक्सा बरात देख रही थी, तभी हर्ष फायरिंग में उसे गोली लग गई।