सड़क पर दौड़ रही नकली रोडवेज बसों का मामला गरमाने के बाद भी आरटीओ और पुलिस अधिकारी हरकत में नहीं आ पा रहे हैं। एक दिन कार्रवाई करने के बाद दोनों विभागों ने सुस्ती दिखानी शुरू कर दी है। केवल गढ़ रोड पर अभियान चलाकर दो डग्गामार बसों को मेडिकल थाने में सीज किया गया। दिल्ली रोड पर अभियान नहीं चलाया गया। पुलिस के सामने से नकली बसे फर्राटा भरती रही।
शहर से दिल्ली, मुरादाबाद, गढ़, मुजफ्फरनगर आदि के लिए दौड़ रही नकली रोडवेज बसें हर महीने करोड़ों रुपये के सरकारी राजस्व पर डाका डाल रही हैं। इसके बावजूद सत्ताधारी पार्टी के नेता खामोश हैं। बताया जा रहा है इन बसों का संचालन सत्ता के इशारे पर ही चल रहा है। सपा सरकार में इन बसों पर सवाल उठाने वाले भाजपाई अब अपनी सरकार में इन्हें बंद नहीं करा पा रहे हैं। अमर उजाला माय सिटी में उठाए मामले के बाद हरकत में आए आरटीओ और पुलिस विभाग ने अभियान चलाकर कुछ बसे सीज करके इतिश्री करनी शुरू कर दी है। रविवार को बंद रहा अभियान सोमवार को गढ़ रोड पर चलाया गया। एआरटीओ दीपक कुमार शाह ने बताया कि इस दौरान गढ़ रोड पर चल रही दो बसों को पकड़कर मेडिकल थाने में सीज किया गया। इसके अलावा कई अन्य अवैध वाहनों को पकड़कर कार्रवाई की गई। मंगलवार से नकली रोडवेज बसों के खिलाफ अभियान में तेजी लाई जाएगी। अभियान दिल्ली रोड पर भी चलाया जाएगा।
कुछ बसें खड़ी हुई तो कुछ हो रहीं संचालित
सोमवार को कुछ नकली रोडवेज बसे शहीद स्मारक और सीएवी इंटर कालेज के पास खड़ी रही तो कई बसें बेखौफ फर्राटा भरती रही। बसों का संचालन रेलवे रोड चौराहा स्थित कनोहर लाल इंटर कॉलेज के सामने से होता रहा। चौराहे पर पुलिस का पहरा होने के बाद भी इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।