तूफान आने की आशंका के मद्देनजर मेरठ में अलर्ट किया गया है। मौसम विभाग, प्रशासन और अन्य विभागों ने इस बाबत चेतावनी जारी की है। साथ ही मेरठ में सभी स्कूल -कालेज बंद कर दिए गए हैं। इधर सोमवार को भी शहर भर में तूफान को लेकर चर्चा रही।
मौसम विभाग आठ मई को तूफान आने की आशंका जताई है। मौसमविदें के अनुसार के अनुसार यह उत्तर भारत की ओर अधिक सक्रिय रहेगा। उत्तराखंड और हिमाचल से होता हुआ यह आगे की ओर बढ़ जाएगा। इसकी चपेट में हरियाणा, पंजाब दिल्ली और वेस्ट यूपी आ सकते हैं। अनुमान है कि आंधी के दौरान हवा की गति कुछ स्थानों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। ऐसे में पेड़ टूटकर गिरने का खतरा अधिक रहता है। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। मौसम विभाग की मानें तो यह तूफान अगले 24 घंटों में कभी भी आ सकता है। वहीं कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की भी आशंका बनी है। मौसम वैज्ञानिक डॉ एन. सुभाष का कहना है कि यह तूफान उत्तर की ओर बन रहे एक साइक्लोन की वजह से अधिक प्रभावी होता दिख रहा है। अभी वेस्ट यूपी में 24 घंटे तक खतरा बना हुआ है।
डिग्री कालेज भी बंद रहेंगे
मेरठ। तूफान और चक्रवात की आशंका के मद्देनजर मंगलवार को पहली से डिग्री तक के सभी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। हालांकि अगर किसी जगह कोई परीक्षा है तो वह कराई जाएगी। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने इस संबंध में सभी स्कूल-कॉलेजों को सूचना भिजवा दी है। डीआईओएस गिरजेश चौधरी ने बताया कि एहतियातन यह निर्णय लिया गया है। दरअसल, प्रशासन किसी तरह कोई कोताही नहीं बरतना चाहता है।
0121-2662390 पर करें कॉल
एडीएम वित्त आनंद कुमार ने बताया कि यदि तूफान आए और कहीं कोई हानि अथवा परेशानी हो तो 0121-2662390 पर कॉल कर सकते हैं। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित रहेगा, जहां आठ कर्मचारी व तीन पर्यवेक्षण अधिकारियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा है कि जिला संग्रह अनुभाग में तैनात समस्त सहायक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बिना अनुमति के कार्यालय नहीं छोड़ेंगे।
अस्पताल में बेड आरक्षित
मेरठ। अलर्ट के तहत मेडिकल, जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी पर आकस्मिक चिकित्सा के लिए तैयार रहने को कहा है। कार्यवाहक सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि सभी कर्मचारियों को उपस्थिति बनाए रखने को कहा गया है। वहीं, मेडिकल अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि मेडिकल में 30 बेड आरक्षित किए गए हैं। यह बेड इमरजेंसी और ट्रामा में हैं। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल ने बताया कि उनके यहां 20 बेड आरक्षित हैं। किसी भी स्थिति के लिए अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ तैयार है।
वीडियो वायरल, अभिभावक पहुंचे स्कूल
सोमवार को अभिभावक दिनभर परेशान रहे। सोशल मीडिया पर राजस्थान में आए तूफान का वीडियो वायरल हुआ तो अभिभावक और घबरा गए। इसके बाद अभिभावक स्कूल पहुंच गए। 12.30 बजे के आसपास अभिभावक स्कूलों में पहुंचने लगे, जबकि अधिकांश विद्यालयों में छुट्टी का टाइम ही 1 बजे से है। सारा दिन यही चर्चा होती रही।
तूफान से पहले करें ये तैयारी
आपातकालीन किट तैयार करें, जिसमें जीवन सुरक्षा के सभी सामान शामिल हों।
घर को सुरक्षित करें, तेज नुकीली चीजों को खुला न छोड़ें।
पेड़ों की टूटी टहनियां हटा दें ।
सोने से पहले चूल्हे, भट्टी में आग बुझा दें।
मौसम की जानकारी व चेतावनी रेडियो, टीवी, न्यूजपेपर से लेते रहें।
राहत कार्य के सभी जरूरी सामान भी अपने पास रखें।
तूफान के दौरान बरतें ये सावधानी
स्थानीय खबरों व ताजा जानकारियों से अपडेट रहें।
बिजली के उपकरण बंद कर दें।
कोर्डेड फोन का प्रयोग करें।
धातु की पाइप लाइन को न छुएं।
पेड़ों के नीचे व नजदीक आश्रय न लें।
टीन व धातु से बनी छतों व दीवारों से दूर रहें।
घर के भीतर रहने की कोशिश करें, खिड़की दरवाजा बंद कर दें।
नहर, नदी, तालाब के आसपास ने जायें।
धातुओं की चीजों का प्रयोग न करें, बिजली, टेलीफोन के तार, खंभों से दूर रहें।
तूफान के समय वाहन न चलायें और उसे किसी सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर दें।
कच्चे या जर्जर मकान, यूनिपोल, पेड़, दीवार से दूर रहें।
कोई अप्रिय घटना होने पर तत्काल कंट्रोल रूम 100 पर सूचना दें।