फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी : मदद के लिए तड़पती रही बेटियां, नहीं आया कोई मददगार

Thu, 01 Mar 2018 05:16 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
पीड़ित छात्रा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मेरठ शहर के बीचोबीच लालकुर्ती में दो खिलाड़ियों पर तेजाब फेंककर हमलावर भागने में कामयाब हो गए। दोनों बेटियां मदद के लिए तड़पती रही। लेकिन पुलिस गायब रही और लोगों ने भी मुंह फेर लिया। पीड़ित खिलाड़ियों और उनके परिजनों ने सवाल किया है कि क्या इस शहर में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
विज्ञापन


सुबह के 5:30 बजे रूटीन की तरह रेसलर शालू बेगमपुल चौराहे पर पहुंची थी, जहां बाक्सिंग खिलाड़ी गरिमा उसका इंतजार करते मिली। दोनों सहेली प्रैक्टिस करने के लिए पैदल ही स्टेडियम की तरफ चल दीं। सब कुछ ठीकठाक था। मार्निंग वॉक पर कुछ लोग आ-जा रहे थे। अचानक शालू और गरिमा पर दो युवक और एक महिला ने तेजाब फेंक दिया। तेजाब से झुलसी दोनों बेटियां करीब 10 मिनट तक तड़पती रहीं। लेकिन उन्हें मदद नहीं मिल पाई। 

घबरा मत, ठीक हो जाएगी 
रेसलर शालू शर्ट और जैकेट पहने हुई थी। तेजाब से उसकी कमर झुलस गई। शालू ने दर्द से चिल्लाते हुए कहा कि गरिमा बचा ले। तेजाब की छींटों से गरिमा का हाथ भी झुलस गया था। लेकिन उसके बावजूद वह शालू को ढांढस बंधाती रही कि घबरा मत, तू ठीक हो जाएगी। गरिमा ने अपनी टी-शर्ट शालू को ओढ़ा दी।
विज्ञापन


पढ़ें : खिलाड़ियों पर दिनदहाड़े तेजाब से किया हमला, पुलिस अफसरों में मचा हड़कंप
विज्ञापन

अंकल! हमें बचा लो

यूपी पुलिस
गरिमा ने बताया कि इस दौरान वहां से दो युवक पैदल निकले। मैंने उनसे कहा कि अंकल! हमें बचा लो। हमारे ऊपर तेजाब डाल दिया है। लेकिन उन्होंने मदद करने की बजाय मुंह फेर लिया था। बाद में एक युवक आया और उनके पास रुक गया। उसके कहने पर गरिमा ने कंट्रोल रूम को कॉल की। उसके करीब 10 मिनट बाद पुलिस पहुंची। 

नहीं करती पुलिस गश्त 
मार्निंग वॉक के दौरान कैंट इलाके में संगीन वारदातें हो चुकी हैं। पुलिस अफसर दावे करते हैं कि मार्निंग वॉक के दौरान पुलिस गश्त रहेगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। लोगों का मानना है कि अगर पुलिस गश्त करती तो तीनों आरोपी मौके से गिरफ्तार हो सकते थे। घटना के बाद पहुंची पुलिस ने भी चेकिंग अभियान तक नहीं चलाया। 

क्या सुरक्षित नहीं बेटियां 
गांवों से बेटियां सुबह स्टेडियम और कोचिंग में आती है। सुरक्षा नहीं मिलेगी तो कौन शहर में अपनी बेटियां भेजेगा। इसके प्रति पुलिस को गंभीर होने की जरूरत है। पुलिस शहर में सुरक्षित माहौल देने में विफल साबित हो रही है। जिससे बेटियों में दहशत है। 

बैट्री वाला तेजाब बताया 
महिला खिलाड़ियों का इलाज कर रहे डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में तेजाब बैट्री वाला लग रहा है। खिलाड़ियों के कपड़े पुलिस के पास है। उनको फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। उसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि आखिर तेजाब किस श्रेणी का था।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें