गरिमा ने बताया कि इस दौरान वहां से दो युवक पैदल निकले। मैंने उनसे कहा कि अंकल! हमें बचा लो। हमारे ऊपर तेजाब डाल दिया है। लेकिन उन्होंने मदद करने की बजाय मुंह फेर लिया था। बाद में एक युवक आया और उनके पास रुक गया। उसके कहने पर गरिमा ने कंट्रोल रूम को कॉल की। उसके करीब 10 मिनट बाद पुलिस पहुंची।
नहीं करती पुलिस गश्त
मार्निंग वॉक के दौरान कैंट इलाके में संगीन वारदातें हो चुकी हैं। पुलिस अफसर दावे करते हैं कि मार्निंग वॉक के दौरान पुलिस गश्त रहेगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। लोगों का मानना है कि अगर पुलिस गश्त करती तो तीनों आरोपी मौके से गिरफ्तार हो सकते थे। घटना के बाद पहुंची पुलिस ने भी चेकिंग अभियान तक नहीं चलाया।
क्या सुरक्षित नहीं बेटियां
गांवों से बेटियां सुबह स्टेडियम और कोचिंग में आती है। सुरक्षा नहीं मिलेगी तो कौन शहर में अपनी बेटियां भेजेगा। इसके प्रति पुलिस को गंभीर होने की जरूरत है। पुलिस शहर में सुरक्षित माहौल देने में विफल साबित हो रही है। जिससे बेटियों में दहशत है।
बैट्री वाला तेजाब बताया
महिला खिलाड़ियों का इलाज कर रहे डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में तेजाब बैट्री वाला लग रहा है। खिलाड़ियों के कपड़े पुलिस के पास है। उनको फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। उसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि आखिर तेजाब किस श्रेणी का था।
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