यूपी के सहारनपुर में विवाद के बाद एक महिला ने अपनी पति और सास की शिकायत पुलिस में कर दी। पुलिस ने मां-बेटे को थाने बुलाया था। इस पर बेटा पहले पहुंच गया। बाद में मां जहर खाकर थाने पहुंची। महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर रिपोर्ट दर्ज होगी।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सनसनीखेज मामला सामने आया है। छुटमलपुर में सास-बहू का झगड़ा हुआ तो बेटे ने मां का साथ दिया। नाराज होकर बहू थाने पहुंच गई और मां बेटे की शिकायत कर दी। इसके बाद पुलिस ने मां-बेटे को थाने में बुलाया। पुलिस में शिकायत से आहत सास जहर खा कर थाने पहुंचीं तो उनकी तबीयत बिगड़ गई।
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पुलिसकर्मियों ने सास को अस्पताल पहुंचाया लेकिन जान नहीं बच सकी। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर तहरीर दर्ज की जाएगी। गांव बडेढ़ी घोघु निवासी सुनीता (48) का सोमवार की सुबह अपनी बहू से किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
बेटे विकास ने मां का पक्ष लिया। इससे नाराज होकर बहू ने मां-बेटे की शिकायत फतेहपुर थाने में कर दी। इसके बाद पुलिस ने फोन करके विकास और सुनीता को थाने आने के लिए कहा। विकास पहले थाने पहुंच गया, जबकि सुनीता फैक्टरी में काम करने भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में चली गई थी।
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ऐसे में वह दोपहर बाद थाने पहुंची। थाने पहुंचते ही उसने उल्टियां करनी शुरू कर दी। महिला पुलिसकर्मियों ने जब उससे पूछा तो बताया कि वह जहर खाकर आई है। पुलिसकर्मी सुनीता को लेकर फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।
मामला गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया, जहां महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद सीओ सदर विकास प्रताप चौहान भी जिला अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए भेजा।
पति की मौत के बाद मजदूरी करके चार बच्चों को पाला
सुनीता के पति राकेश की 20 साल पहले भैंसा-बुग्गी के नीचे दबने से मौत हो गई थी। इसके बाद सुनीता ने मजदूरी करके चार बच्चों दो बेटों विकास और छोटू तथा दो बेटियों की परवरिश कर उनकी शादियां कीं। ग्रामीणों का कहना था कि वह स्वाभिमानी महिला थी।
उसे यह बात आहत कर गई कि जिस परिवार के लिए उसने अपना पूरा जीवन लगा दिया उसी की वजह से उसे थाने बुलाया जा रहा है। सुनीता के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उसके पास जमीन नहीं है। मजदूरी करके बच्चों को पाला पोसा।
वर्तमान में वह फैक्टरी में मजदूरी करती थी। तीन साल पहले एक बेटे छोटू की बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। उसकी पत्नी मायके चली गई थी। दूसरा बेटा विकास और उसकी पत्नी व दो बच्चे सुनीता के साथ रहते हैं। बेटा विकास देहरादून में बाइक टैक्सी कंपनी के लिए काम करता है।
दो दिन पहले वह गांव आया था। पड़ोसियों ने बताया सुनीता ने चार माह पहले कर्ज लेकर विकास को नौकरी करने लिए विदेश भेजा था। बताया जाता है कि वह वहां किसी ठग गिरोह के हत्थे चढ़ गया और मुश्किल से एक माह में छूटकर घर आया। उसके बाद देहरादून में काम करने लगा। पड़ोसियों ने बताया कि पिछले दो-तीन माह से सास-बहू में अक्सर कहासुनी होती रहती थी।
पारिवारिक विवाद की तहरीर मिलने पर महिला को फोन करके थाने बुलाया गया था। महिला ने पुलिस को दिए बयान में खुद जहर खाने की बात कही है। अभी प्रकरण में कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। विकास प्रताप चौहान, सीओ सदर