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बिना जांच कोरोना पोर्टल पर अपलोड कर दिया डाटा

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बिना जांच कोरोना पोर्टल पर अपलोड कर दिया डाटा
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हस्तिनापुर। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का आलम इस कदर है कि कस्बे के बी ब्लॉक निवासी एक परिवार का कोरोना पोर्टल पर डाटा अपलोड कर दिया गया। अपलोड डाटा में परिवार के एक सदस्य की रिपोर्ट पॉजिटिव और बाकी सभी सदस्य की रिपोर्ट निगेटिव दर्शायी गई। जानकारी होने पर परिजनों ने डीएम से शिकायत की। उसके बाद स्वास्थ्य ने परिवार के एंटीजन और आरटीपीसीआर के सैंपल लिए है।
कस्बे के बी ब्लॉक निवासी बसंत सिंह भृंग स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के बेटे पवन शर्मा ने बताया कि उन्होंने 7 अप्रैल को पत्नी सविता शर्मा (56) के साथ कोरोना वैक्सीन लगवाई थी। उसके बाद से दोनों की तबीयत खराब होने लगी। दोनों ने सीएचसी प्रभारी से बात की, लेकिन उन्होंने सामान्य स्थिति बताते हुए कुछ समय बाद ठीक होने की बात कही। इस दौरान पवन की हालत में तो सुधार हो गया लेकिन पत्नी की तबीयत लगातार बिगडती रही। एक मई को सीएचसी से डॉक्टर उनके घर पहुंचे और बिना जांच ही पत्नी को पॉजिटिव बताकर उन्हें होम आइसोलेट कर दिया। इस पर पवन ने पूरे परिवार की जांच करने की भी बात कही। आरोप है कि पंचायत चुनाव मतगणना में व्यस्त होने की बात कहकर चिकित्सकों ने तीन मई को सैंपल लेने की बात कही थी, लेकिन कोई भी डॉक्टर उनके घर नहीं आया। पांच मई को उन्हें कोरोना पोर्टल पर परिवार का डाटा उपलब्ध होने की जानकारी हुई, जिसमें पत्नी को तो पॉजिटिव दर्शाया गया था और परिवार के सभी सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव दर्शायी गई थी। पवन ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय पर फोन कर की। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की कुंभकर्णी नींद टूटी और परिवार के एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लेने के लिए टीम घर पहुंची। एंटीजन जांच में पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव है और अन्य सदस्यों की निगेटिव। आरटीपीसीआर जांच उन्हें अभी नहीं मिल पाई है। साथ ही सीएचसी प्रभारी ने पोर्टल पर दर्ज डाटा को भी सही करने का आश्वासन दिया गया।
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65 हजार में खरीदे थे दो सिलिंडर
पवन शर्मा ने बताया कि पत्नी की हालत खराब होने पर उन्होंने ऑक्सीजन के दो सिलिंडर गुरुग्राम से 65 हजार रुपये में मंगवाए थे। जिनमें सिक्योरिटी 40 हजार, 20 हजार रुपये ऑक्सीजन गैस के तो पांच हजार रुपए ट्रांसपोर्ट किराया भी दिया था।
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गांव में नहीं पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम
शहरों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना महामारी ने पैर पसार लिए हैं। कस्बा के गांव लतीफपुर, गणेशपुर में कई मौतें हो चुकी है और कई अभी भी बीमार है। लोग दवाइयों के लिए तरस रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद है। प्राइवेट चिकित्सकों ने भी क्लीनिक बंद कर दिए हैं।
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