- श्रीराम चरित्र प्रदर्शन उत्सव का दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुभारंभ
- श्रवण कुमार नाटक के मंचन में दिखाया पुत्र भक्ति और दशरथ के पश्चाताप का प्रसंग
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। श्रीराम चरित्र प्रदर्शन उत्सव मंगलवार को श्रीराम मंडल राम तलैया मंदिर परिसर में दीप प्रज्ज्वलन के साथ विधिवत शुभारंभ हुआ। उत्सव के प्रथम दिन राम तलैया मंदिर के कलाकारों ने श्रवण कुमार नाटक का मंचन किया। कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से श्रवण कुमार की माता-पिता के प्रति भक्ति और राजा दशरथ के पश्चाताप के प्रसंग को जीवंत किया।
मंचन में दिखाया गया कि श्रवण कुमार अपने दृष्टिहीन माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर विभिन्न तीर्थस्थलों की यात्रा करा रहे थे। रास्ते में वह जल लेने पहुंचे। जल भरने के दौरान हुई आवाज को किसी जानवर की आवाज समझकर राजा दशरथ ने ध्वनि की दिशा में बाण चला दिया। बाण लगने से श्रवण कुमार घायल हो गए। कराहने की आवाज सुनकर दशरथ वहां पहुंचे तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। श्रवण कुमार ने अपने माता-पिता को पानी पहुंचाने का आग्रह किया। इसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।
दशरथ श्रवण कुमार के माता-पिता के पास पानी लेकर पहुंचे और उन्हें पुत्र की मृत्यु की जानकारी दी। पुत्र वियोग में व्यथित माता-पिता ने राजा दशरथ को पुत्र वियोग में मृत्यु का श्राप दिया और अपने प्राण त्याग दिए। इस मार्मिक प्रसंग के मंचन ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
कार्यक्रम में रामलीला कमेटी के प्रधान मलखान सैनी, संयोजक शरद त्यागी, प्रदीप मित्तल, मूलचंद सैनी, वीरेंद्र सैनी, अजय त्यागी, मदन बंसल, सुशील कुमार, अभिषेक तथा रामा मंडल से महेंद्र सैनी, मुनेश पंडित, अनिल, सौराज, शुभम, सूर्यदेव त्यागी, प्रदीप बुद्धि राजा, नवीन बंसल और हिमांशु आदि मौजूद रहे।