मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें यह तय करना होगा कि आखिर सांप्रदायिक सच में कौन है? सूर्य नमस्कार और नमाज की क्रियाओं को देखें तो दोनों में काफी हद तक समानता दिखेगी। अब मुस्लिम भाई समझ लें कि सही क्या है? जो लोग जाति धर्म और मजहब में हमें बांट रहे हैं वो लोग कैसे योग की बात कर सकते हैं?
योगी आदित्यनाथ के सूर्य नमस्कार व नमाज एक जैसी क्रिया होने के बयान पर दारुल उलूम वक्फ के नायब मोहतमिम एवं फतवा विभाग के नायब प्रभारी मुफ्ती अहसान कासमी ने कहा कि सरकार या अदालत द्वारा किसी पर कोई नियम जबरन थोपा नहीं गया है। जिसका धर्म इजाजत देता है वह करे या न करें।
उधर, इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम ने प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया। संस्था से जुड़े अशरफ उस्मानी ने बताया कि राजनेताओं द्वारा की जाने वाली बयानबाजी पर दारुल उलूम ने कभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।