दरोगा पिटाई प्रकरण भाजपा के न निगलते और न ही उगलते बन रहा है। पूरे मामले पर यदि भाजपा आक्रामक होती है तो विपक्षी दल उसे घेर सकते हैं। वहीं, पार्षद को गंभीर धाराओं में जेल भेजे जाने के बाद स्थानीय कार्यकर्ता आक्रोशित हैं, जिसे लेकर संगठन के नेता परेशान हैं। ऐसे में भाजपा ने अलग रणनीति तैयार की है। सूत्रों के अनुसार संयुक्त व्यापार संघ की कमान पूरी तरह भाजपाइयों के ही हाथ है। मामला चूंकि भाजपा पार्षद के साथ-साथ व्यवसायी से भी जुड़ा है तो व्यापार संघ को इस मामले में आक्रामक तेवर अपनाने की पूरी छूट दी गयी है। पिछले दो साल में यह पहली बार हुआ है कि संयुक्त व्यापार संघ के दोनों धड़े किसी मामले पर एकजुट हैं।
इस प्रकरण को लेकर रविवार को भाजपाइयों और संयुक्त व्यापार संघ के प्रतिनिधि मंडलों ने अलग-अलग एसएसपी से मुलाकात की थी। जिसमें भाजपाई जहां एसएसपी से बात करने में संयत रहे तो संयुक्त व्यापार संघ ने तेवर दिखाए। हालांकि, एसएसपी ने उनकी बात को सुनकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। जिससे भाजपाई खेमे में बेचैनी ज्यादा बढ़ गयी।
फिर बनी गोपनीय रणनीति
एसएसपी से मुलाकात के बाद भाजपा नेतृत्व ने संयुक्त व्यापार संघ पदाधिकारियों के साथ गोपनीय रणनीति तैयार की। इसके बाद संघ पूरी तरह सक्रिय हो गया है। संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने बुधवार तक का समय एसएसपी को दिया है। यदि दरोगा और महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हुआ और होटल मालिक के ऊपर लगी डकैती व छेड़छाड़ की धाराएं नहीं हटायी गईं तो बृहस्पतिवार को मेरठ बंद के साथ आंदोलन शुरू होगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए बाजारों में संपर्क शुरू हो चुका है। एसएसपी ने उनसे कुछ साक्ष्य मांगे थे, जो मंगलवार को उन्हें उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
कार्यकर्ताओं में निराशा, आक्रोश
भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल ने बताया कि सोमवार को इस प्रकरण को लेकर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडे ने फोन कर मामले की जानकारी ली। जिसमें उन्हें स्पष्ट बता दिया गया कि एसएसपी के निर्देश पर पुलिस पूरी तरह एकतरफा कार्रवाई कर रही है।
अभी तक भी पार्षद की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। एक ही मामले में दरोगा और उनके साथ मौजूद महिला की अलग-अलग तहरीरों पर दो मुकदमे पार्षद के खिलाफ दर्ज कर जेल भेज दिया गया। जिससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी निराशा के बीच आक्रोश बढ़ रहा है।
मुकेश सिंघल ने बताया कि उन्होंने पार्षद के खिलाफ दर्ज एफआईआर, पार्षद की तहरीर आदि के साथ अन्य प्रपत्र प्रदेश अध्यक्ष को ई-मेल कर दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने स्वयं अपने स्तर से इस मामले को दिखवाने का आश्वासन दिया है। मुकेश सिंघल ने कहा कि वह मंगलवार को अपने कुछ पदाधिकारियों के साथ पार्षद से जेल में मुलाकात करने जाएंगे। पार्षद का उत्पीड़न किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
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