जिले में वायरल के बीच डेंगू और चिकनगुनिया पैर पसार रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कुछ नहीं कर रहा है। शुक्रवार को चिकनगुनिया के मामले सामने आने पर सीएमओ ने अलर्ट तो जारी कर दिया, लेकिन सिर्फ कागजों पर। रोगों की रोकथाम के लिए धरातल पर अभी तक कोई प्लान नहीं बनाया गया है।
बढ़ती बीमारियों से लोगों में दहशत है। वायरल के बीच लोग डेंगू और चिकनगुनिया के शिकार हो रहे हैं, लेकिन उन्हें इसका पता ही नहीं लग पा रहा है। शनिवार को चिकनगुनिया के दो और मामले सामने आए हैं। अब इनकी संख्या बढ़कर चार हो गई है। मेडिकल कॉलेज स्थित माइक्रो बायोलॉजी विभाग की तरफ से इसकी पुष्टि की गई है। वहीं डेंगू के केस भी बढ़ सकते हैं। सैकड़ों मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। फिलहाल 13 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।
न फॉगिंग, न लारवा टेस्ट के इंतजाम
सीएमओ ने अलर्ट तो जारी कर दिया है, लेकिन मच्छर मारने के लिए न तो अभी फॉगिंग की जा रही है और नही एडिस मच्छर की पहचान के लिए लारवा टेस्ट का इंतजाम किया गया है। शहर में कुछ स्थानों पर दिखावे के लिए फॉगिंग व दवा का छिड़काव किया जा रहा है। आलम यह है कि लोग दवा छिड़काव के लिए जिला मलेरिया विभाग से संपर्क कर रहे हैं, तो उन्हें सीएमओ कार्यालय भेजा जा रहा है। मलेरिया विभाग के अधिकांश अधिकारियों ने अपने फोन बंद कर लिए हैं।
हर जगह मरीजों की भीड़
डेंगू और चिकनगुनिया के बीच वायरल से पीड़ित मरीजों में भी डर पैदा हो गया है। बुखार होते ही मरीज अस्पतालों और क्लीनिक की तरफ दौड़ रहे हैं। ऐसे में क्लीनिक से लेकर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज तक मरीजों की भीड़ लगी है। अस्पतालों में बेड़ खाली नहीं हैं। मरीजों को भर्ती करने के लिए सामान्य मरीजों को छुट्टी दी जा रही है। वायरल के मरीज भी डेंगू और चिकनगुनिया के डर से भर्ती हो रहे हैं।
अस्पतालों से लेकर लैब की चांदी
बदलता मौसम भले ही आम लोगों के लिए बीमारियां लेकर आया हो, लेकिन चिकित्सक, अस्पताल और लैब संचालकों की चांदी कट रही है। चिकित्सक के न चाहते हुए भी मरीज हर जांच करा रहे हैं। जांच से लेकर भर्ती होने तक में मरीजों की अच्छी जेब खाली हो रही है। डेंगू और चिकनगुनिया में लक्षण बेहद मिलते जुलते हैं जिस कारण से पैथोलॉजी जांच से ही पता किया जाता है।
डेंगू के लक्षण
अचानक से तेज बुखार का आना
मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द के साथ शरीर से लाल चकते बन जाना।
उल्टी दस्त, चक्कर आना, प्लेटलेट्स का गिरना व कमजोरी महसूस होना।
चिकनगुनिया
सिर और मांसपेशियों में दर्द का होना।
जोड़ों में सूजन का आ जाना।
सूखी उबकाई का आना।
शरीर में अत्यधिक थकान महसूस होना।