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बांध का काम अधूरा, सता रहा बाढ़ का खतरा

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हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के गांवों और फसलों को बाढ़ से बचाने के लिए शासन ने फतेहपुर प्रेम स्थित गंगा किनारे पर लगभग एक किलोमीटर तटबंध की मंजूरी दी थी। इसके लिए करीब 10 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। वहीं कछुआ गति से चल रहा कार्य मानसून से पहले पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसे में इस बार भी लोगों को बाढ़ का खतरा सता रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी अगले साल काम पूरा होने की बात कह रहे हैं।
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खादर क्षेत्र में हर साल गंगा में जलस्तर में बढ़ने के बाद बाढ़ आने से काफी नुकसान झेलना पड़ता है। क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए विधायक दिनेश खटीक के प्रयास के बाद फतेहपुर प्रेम स्थित गांव के समीप गंगा किनारे एक किलोमीटर तटबंध बनाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इसके बाद सिंचाई विभाग ने फतेहपुर प्रेम स्थित लगभग एक किलोमीटर तटबंध बनाने का कार्य शुरू किया। यहां ठोकरें लगाने का काम शुरू हो चुका था। पहले लॉकडाउन और उसके बाद विभागी के अधिकारियों के ध्यान न देने के कारण काम काफी धीमी गति से हो रहा है। पिछले कुछ समय से गंगा जलस्तर बढ़ा गया है। इस कारण मिट्टी के भरे हुए बैग पानी में ही समा गए। जानकारों के अनुसार जून में पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ पिघलने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ने लगता है। वहीं मानसून भी दस्तक दे देता है। इस कारण क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाते हैं। किसानों का कहना है कि समय पर बांध न बनने से उन्हें बाढ़ का खतरा सता रहा है।
15 दिन में बढ़ा जलस्तर
बिजनौर बैराज से लिए गए आंकड़ों के अनुसार 15 दिन में जलस्तर 12 हजार क्यूसेक बढ़ा है। लगभग 5 जून को गंगा में कुल 5 हजार क्यूसेक पानी चल रहा था जो शुक्रवार दोपहर को 17 हजार क्यूसेक पर पहुंच चुका है।
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वर्जन...
एक साल में काम होगा पूरा
फतेहपुर प्रेम गांव स्थित तटबंध पर लगभग एक महीने से कार्य चल रहा है। पहले लॉक डाउन के कारण कार्य प्रभावित रहा अब गंगा का बढ़ता जलस्तर कार्य को प्रभावित कर रहा है। तटबंध को पूरा करने में लगभग एक वर्ष का समय लगेगा। -पीके जैन, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग
नहीं मिल रहा पत्थर
तटबंध का कार्य लॉकडाउन के चलते प्रभावित हुआ है। फैक्ट्रियों में मजदूर नहीं पहुंचने से तटबंध पर लगने वाला पत्थर नहीं मिल पा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों से बात चल रही है जल्द ही पत्थर पहुंचने की उम्मीद है। -दिनेश खटीक, विधायक
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