दलित परिवारों ने मकान बिकाऊ के पोस्टर लगाए
फलावदा। होली के दिन दो पक्षों में हुई मारपीट, लूट एवं फायरिंग की घटना में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद आरोपी पक्ष के कई दलित परिवारों ने अपने मकानों पर मकान बिकाऊ है के पोस्टर चस्पा कर दिए। दलित परिवारों ने भाजपा विधायक दिनेश खटीक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दलितों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मकान बेचकर पलायन करने की चेतावनी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मकानों से पोस्टर हटवाए।
बृहस्पतिवार को कस्बे के मोहल्ला अंबेडकर चौक के समीप दलितों ने दर्जनभर मकानों पर मकान बिकाऊ है के पोस्टर चस्पा कर दिए। महिला मुकेश, रामरती, शीला, ममता आदि का कहना था कि होली के दिन सड़क पर विधायक दिनेश खटीक के संबंधियों से मारपीट हो गई थी। सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए उन पर फायरिंग व लूट की धाराएं लगा दी। नामजद लोगों में कई ऐसे हैं जो घटना के दिन मौके पर ही नहीं थे। जबकि एक पक्ष की रिपोर्ट तक नहीं लिखी तथा बिना जांच किए चार दलितों को जेल भेज दिया, जिनमें नगर पंचायत का एक सफाई कर्मी राहुल भी शामिल है। नारेबाजी कर रही महिलाओं ने बताया कि उनके पक्ष के कई लोग घायल हुए थे। बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। दलितों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उत्पीड़न के खिलाफ जिला मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा।
थाना प्रभारी शिव वीर सिंह भदौरिया का कहना है कि घटना में एक ही पक्ष के कई लोग घायल हुए थे। उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच चल रही है निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष जांच की जाएगी
मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। किसी का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं किया जाएगा। - केशव कुमार, एसपी देहात
बसपा के लोग कर रहे राजनीति
पुलिस मामले की जांच कर रही है। किसी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। बसपा के लोग इस प्रकरण में राजनीति कर रहे हैं। सभी आरोप निराधार व बेबुनियाद हैं। इस प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं हैं। -दिनेश खटीक, विधायक, हस्तिनापुर