मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। कभी बारिश कभी तेज गर्मी तो कभी उमस। नतीजतन सेहत पर विपरीत प्रभाव। इससे जुकाम, खांसी और वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। गंदगी से फंगल इंफेक्शन भी फैल रहा है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में मरीजों की कतार लगी हुई हैं। सोमवार को ओपीडी छह हजार के पार पहुंच गई। मेडिकल कॉलेज में ओपीडी 4485 रही, जबकि जिला अस्पताल में 1550 से ज्यादा मरीज पहुंचे।
मौसम में बदलाव के दौरान लोगों की लापरवाही उन्हें बीमार कर रही है। बरसात में सबसे ज्यादा बीमारियां बुखार, खांसी, जुकाम और फंगल इंफेक्शन की होती हैं। ऐसे मौसम में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है, क्योंकि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बीमारियां इन्हें जल्दी घेर लेती हैं। गर्भवती महिलाओं को अपने खानपान और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में बीमार महिलाओं और बच्चों की संख्या बढ़ गई है। बरसात के मौसम में बीमार होने का मुख्य कारण गंदगी भी है। मच्छर, कीड़े, अशुद्ध पानी, वातावरण में नमी, दस्त, कपड़े गीले हो जाना बीमारी का कारण बनते हैं। बुखार, डायरिया, मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, पीलिया और त्वचा आदि की समस्याएं होने लगती हैं। सफाई और सावधानी बरत कर इनसे बचा जा सकता है।
यह बरतें सावधानी
- बारिश में बिल्कुल न भीगें।
- अगर भीग गए हैं तो ज्यादा देर गीले न रहें।
- खाना खाने से पहले अच्छे से हाथ धोएं।
- संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- मौसमी फलों का ज्यादा सेवन करें।
- देर से कटे और रखे हुए फल न खाएं।