लोहियानगर थाना क्षेत्र के एक गांव में 11वीं की छात्रा का न्यूड वीडियो उसके बॉयफ्रेंड ने अपने दोस्तों के बीच वायरल कर दिया। गांव में कई लोगों के मोबाइल में यह वीडियो पहुंच गया। बदनामी होने से क्षुब्ध छात्रा ने फंदा लगाकर जान दे दी।
केस-दो
कंकरखेड़ा क्षेत्र में दोस्त के मोबाइल से उसकी गर्लफ्रेंड की न्यूड फोटो 11वीं के छात्र ने निकाल ली। इसके बाद वह लड़की को ब्लैकमेल कर मिलने का दबाव बनाने लगा। छात्रा ने बॉयफ्रेंड को बताया तो उसने हथौड़े से वार कर दोस्त की हत्या कर दी।
मेरठ। जिले में इस तरह के कई और मामले भी सामने आए हैं। इनमें निजी फोटो और वीडियो वायरल होने से किसी युवती का रिश्ता टूट गया तो कोई अत्याधिक अवसाद का शिकार हो गई। ऐसी घटनाओं की पीड़ितों के साथ उनके परिवार को भी कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्हें सामाजिक स्तर पर बदनामी झेलनी पड़ती है। अभिनेता अक्षय कुमार ने एक कार्यक्रम में जिक्र किया कि कुछ दिन पहले ऑनलाइन गेम खेलते हुए उनकी बेटी साइबर अपराधियों का शिकार होने से बच गई। उन्होंने स्कूलों में साइबर अपराध कोर्स शुरू करने की वकालत की है। बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल करते समय परिजनों को भी उन पर नजर रखने की जरूरत है। सावधानी बरतने से अप्रिय घटना होने से पहले ही रोकी जा सकती है।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि ऐसे मामलों में सावधानी और सतर्कता ही बचाव है। बच्चों को साइबर अपराध के प्रति जागरुक करें। साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर या फिर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
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ऑनलाइन गेम खेलते हुए बरतें ये सावधानी
एसपी क्राइम का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग इन दिनों काफी ज्यादा पसंद की जा रही है। इससे खुद को सुरक्षित रखने के लिए लड़कियों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। हमेशा यूजरनेम, प्रोफाइल फोटो और बायो को न्यूट्रल या क्रिएटिव रखें। कभी भी अपनी पहचान ऐसे प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक न करें। वॉयस चैट या टेक्स्ट मेसेज करते हुए निजी बातें न करें। अगर कोई प्लेयर ऐसी बात करता है तो तुरंत उसे म्यूट या ब्लॉक कर दें। प्राइवेसी सेटिंग का इस्तेमाल करें। फ्रेंड रिक्वेस्ट, मेसेज और इनवाइट्स को कंट्रोल करने के लिए प्राइवेसी सेटिंग का इस्तेमाल करें और अनजान लोगों को खुद से दूर रखें। कई बार बच्चे ऑनलाइन बुलिंग का शिकार हो जाते हैं। अगर कोई यूजर लगातार कमेंट करके परेशान कर रहा है तो उसकी जानकारी अपने परिजनों को जरूर दें।
इंटरनेट से निजी फोटो व वीडियो हटवा सकते हैं
इंटरनेट पर प्राइवेट फोटो या वीडियो लीक होना अब आम समस्या बनती जा रही है। बिना पहचान उजागर किए अपनी निजी तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित तरीके से हटवाई जा सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्म StopNCII.org इस गंभीर समस्या से निपटने में लोगों की मदद कर रहा है। यह सेवा पूरी तरह से गोपनीय, फ्री और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। इस पर कोई भी व्यक्ति पहचान गोपनीय रखते हुए अपनी प्राइवेट फोटो या वीडियो हटवा सकता है। 90% से अधिक रिमूवल रेट के साथ, यह प्लेटफॉर्म अब तक लाखों तस्वीरों को इंटरनेट से सफलतापूर्वक हटवा चुका है।
यह है केस दर्ज करने की प्रक्रिया
StopNCII.org पर अपना केस बनाना बेहद सरल और सुरक्षित प्रक्रिया है। वेबसाइट के होमपेज पर ही क्रिएट ए केस का विकल्प उपलब्ध होता है। इस प्रक्रिया में कुल 9 चरण होते हैं। इनमें आपसे यह जानकारी मांगी जाती है कि आपकी कौन-सी फोटो या वीडियो बिना आपकी अनुमति के शेयर की जा रही है या उसके लीक होने की आशंका है। जानकारी देने के बाद, वेबसाइट आपके डिवाइस से संबंधित फोटो या वीडियो को स्कैन करती है और उसकी एक यूनिक डिजिटल पहचान तैयार करती है। इसे हैश वैल्यू कहा जाता है। यह हैश वैल्यू ही उस कंटेंट की पहचान करने और उसे हटाने की प्रक्रिया की नींव होती है। इसके अलावा यह समय-समय पर इंटरनेट पर उस हैश वैल्यू से मिलता-जुलता कंटेंट खोजता रहता है और उसे हटाने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। केस रजिस्टर होने के बाद आपको एक यूनिक केस आईडी दी जाती है जिसकी मदद से आप अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।