मेरठ। साइबर ठग गिरोह के सरगना अलाउद्दीन को पुलिस ने शनिवार को हिरासत में ले लिया। डीआईजी कलानिधि नैथानी के आरोपी को जमानत मिलने के बाद नाराजगी जताने पर यह कार्रवाई की गई। स्वाट टीम ने पुलिस लाइन में घंटों तक उससे पूछताछ कर नेटवर्क खंगालने का प्रयास किया। आरोपी के खिलाफ मुकदमे में पुलिस धाराएं बढ़ाएगी।
लोहियानगर क्षेत्र के बिजली बंबा बाईपास स्थित मिल्लत पैलेस निवासी अलाउद्दीन दिल्ली और दुबई में ऑफिस खोलकर आईटी एक्सपर्ट की मदद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी कर रहा था। लिसाड़ी गेट पुलिस ने 16 जून को उसके साथी अहमद नगर लक्खीपुरा निवासी वकार, नौचंदी क्षेत्र के करीम नगर निवासी शाहरूख, लोहियानगर क्षेत्र अहमद नगर निवासी मोनू व समीर को गिरफ्तार किया था। अलाउद्दीन के दुबई भागने की चर्चा थी और उसका साथी मवाना के पहाड़पुरा निवासी सोनू अभी पुलिस के हाथ नहीं आया। आरोपी अपने आसपास क्षेत्र के गरीब, बेरोजगार व जरूरतमंद लोगों से सरकारी योजना का लाभ दिलाने, नौकरी आदि का लालच देकर उनके कागजात लेकर उनके नाम से बैंकों में खाते खुलवाते थे। इन लोगों के खाते में साइबर ठगी की रकम मंगाकर एटीएम, यूपीआई और हापुड़ रोड स्थित उमर पेट्रोल पंप की स्वाइप मशीन के जरिए निकाल लेते थे।
इसके बदले पेट्रोल पंप संचालक 20 प्रतिशत कमीशन लेता था। ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, बिहार की पुलिस अलाउद्दीन के बेचे खातों को सीज करवा चुकी है। अलाउद्दीन ने मुकदमे में कोर्ट से अग्रिम जमानत करा ली थी। इस पर डीआईजी ने नाराजगी जताते हुए आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि अलाउद्दीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसका नेटवर्क खंगाला जा रहा है। आरोपी के खिलाफ मुकदमे में धारा भी बढ़ाई जाएंगी।