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युवक को हनी ट्रैप में फंसाकर 3.80 लाख की साइबर ठगी

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मेरठ। नौचंदी थाना क्षेत्र के नेहरु नगर निवासी हर्ष को शादी का झांसा देकर हनी ट्रैप में फंसा लिया। शेयर ट्रेडिंग में बड़े मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया और 3.80 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली। ठगे जाने का पता चलने पर पीड़ित ने युवक ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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थाने में दी तहरीर में हर्ष ने बताया कि 5 जून को सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी बातचीत एक प्रिशा नाम की लड़की से हुई थी। युवती ने उससे दोस्ती से बात शुरु की और फिर बात प्यार-मोहब्बत तक जा पहुंची। दोनों की व्हाट्सएप पर बात होने लगी। युवती ने उससे शादी करने का झांसा देकर अपने विश्वास में ले लिया। इसके बाद ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के बारे में हर्ष को जानकारी दी। उसने बताया कि करीब तीन साल से वह इसमें निवेश कर रही है और इसमें काफी मुनाफा कमाया है। युवती की बातों में आकर हर्ष को भी उत्सुकता हुई और उसने शेयर ट्रेडिंग की जानकारी ली। इसके बाद 18 जून को कुछ रुपये युवती के बताए खाते में ट्रांसफर किए। 10 जुलाई तक करीब 3.80 लाख रुपये उसने ट्रांसफर किए। हर्ष को कुछ शक हुआ तो उसने रकम निकालने का प्रयास किया, लेकिन ऐसा नहीं कर सका। युवती से बात की तो वह और रुपये जमा कराने का दबाव बनाने लगी। पीड़ित ने रुपये जमा कराने से इन्कार किया तो युवती ने बात करने से मना कर दिया। इस पर पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी की जा रही है। बैंकों को रकम फ्रीज करने के लिए रिपोर्ट भी भेजी गई है।



ऑनलाइन निवेश में ये बरतें सावधानी

- कम निवेश पर थोड़े समय में बड़े मुनाफे की योजनाओं की अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें। बहुत ज्यादा रिर्टन के ऑफर से बचें, निवेश पर गारंटीड मुनाफे जैसा कुछ नहीं होता।
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- निवेश संबंधी सलाह लेने से पहले हमेशा वेरिफिकेशन के लिए सेबी या आरबीआई से जारी लाइसेंस मांगें। अनचाही कॉल, ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए आने वाले मैसेज से सावधान रहें।
- अगर कोई ब्रोकर बार-बार किसी खास तरह के निवेश के बारे में बात कर रहा है, तो हो सकता है कि वो ठगने की कोशिश कर रहा हो। ऐसे में आपको सावधान होने की जरूरत है।
- साइबर ठग लोगों के पैसों को निवेश में लगाने के बाद टैक्स या फीस के तौर पर कई बार पैसों की मांग करते हैं। ऐसे में किसी भी तरह का शुल्क देने से पहले अच्छी तरह से जांच करें।
- अगर आप किसी धोखेबाज के जाल में फंस गए हैं तो निवेश किया पैसा दोबारा नहीं मिलता है। इस बात को चेक करने के लिए आप निवेश की गई रकम को मांगकर देख सकते हैं।

- इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी साइबर ठग सच्चाई सामने आने से पहले तक अलग-अलग तरीकों से पैसों की मांग करता रहेगा। जालसाज धमकी के जरिए भी पैसों की मांग कर सकते हैं।

- अगर आप किसी व्हाट्सएप या टेलिग्राम ग्रुप में शामिल हो रहे हैं तो उसका एडमिन कौन है, इसकी जांच जरूर करें। अगर यह फाइनेंस से जुड़ा हुआ है तो उनका रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर मांगें। सेबी या संबंधित लाइसेंसिंग प्लेटफॉर्म से इसके सर्टिफिकेशन की जांच करें।

- स्टॉक मार्केट स्कैम से खुद को बचाने का आसान तरीका यह है कि बिना सबूत के किसी पर भी भरोसा न करें। निवेश करने से पहले सेबी की वेबसाइट पर जाकर पुष्टि करें। अगर संस्थान रजिस्टर नहीं है तो लेन-देन न करें।

- किसी नए एप या वेबसाइट के जरिए निवेश करने से पहले यह वेरिफाई करें कि यह असली है या नकली। अगर यह स्टॉक निवेश एप है तो सेबी का लाइसेंस देखें और अगर यह एनएफबीसी (नॉन फाइनेंस बैंकिंग कंपनी) है तो आरबीआई लाइसेंस की जांच करें।

- ऐसे एपीके एप डाउनलोड करने से बचें, जो गूगल प्ले स्टोर या एप्पल एप स्टोर पर नहीं हैं। ठगी होने पर टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।

- अपनी पर्सनल या फाइनेंशियल जानकारी जैसे लॉगिन आईडी, पासवर्ड, बैंक डिटेल्स या ओटीपी कभी किसी के साथ शेयर न करें। भले ही कोई किसी प्रतिष्ठित फर्म, कंपनी या बैंक से होने का दावा करता हो।
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