दीवान स्कूल में प्राचार्य का घेराव करते हिंदू वाहिनी के कार्यकर्ता।
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दीवान लॉ कॉलेज की छात्रा द्वारा ट्वीटर पर बदसलूकी की बात लिखने के बाद अब सोमवार को उसने दोनों छात्रों की शिकायत साइबर सेल में की है। वहीं, दूसरी तरफ छात्रों के पक्ष में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी उतर आए हैं। टूर पर गए दूसरे छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन को लिखकर दे दिया है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। एक छात्रा के कहने पर दो निर्दोष छात्रों को नहीं फंसाया जा सकता है। कॉलेज प्रबंधन द्वारा जारी किए गए नोटिस का जवाब न देने पर छात्रा को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
दीवान लॉ कॉलेज के 55 छात्र-छात्राएं दो अप्रैल को आगरा टूर पर गए थे। तीन अप्रैल को टूर से लौटी लॉ की छात्रा ने ट्वीट कर आरोप लगाया था कि नशे में छात्रों ने उसके साथ बदसलूकी की और भाजपा का पटका उस पर फेंका। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी री-ट्वीट कर दिया था। चार अप्रैल को छात्रा ने इसकी शिकायत कॉलेज में की तो प्रबंधन ने दो छात्रों अंकुर वर्मा और अमित कुमार को रेस्टीकेट करते हुए उनको नोटिस जारी कर दिया था। चारों फैकल्टी मेंबर से भी जवाब मांगा गया था।
तहरीर देने के बाद गरमाया मामला
सोमवार को इस मामले में नया मोड़ आ गया। सारथी संस्था की अध्यक्ष कल्पना पांडे के साथ छात्रा साइबर सेल पहुंची और दोनों छात्र अंकुर वर्र्मा और अमित कुमार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए तहरीर दे दी। पूरे प्रकरण में सियासी मामला भी गरमा गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता गोपाल शर्मा के नेतृत्व में कॉलेज पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने दीवान वीएस ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कर्नल डॉ. नरेश गोयल का घेराव करते हुए कहा कि छात्रा किसी के बहकावे में आकर यह साजिश रच रही है। 50 से ज्यादा छात्र-छात्राएं ऐसी किसी भी तरह की घटना से इंकार कर रहे हैं तो फिर दोनों छात्रों पर बिना जांच पूरी हुए कार्रवाई क्यों कर दी गई।
छात्र-छात्राओं ने समर्थन में लिखकर दिए पत्र
टूर पर गए छात्र-छात्राओं ने अंकुर वर्मा और अमित कुमार के समर्थन में पत्र लिखकर दिया है। उन्होंने बताया कि बदसलूकी का कोई प्रमाण है तो छात्रा उसे सामने लाए। उनके पास जो वीडियो हैं उनमें छात्रा खुद डांस कर रही है। छात्राओं का कहना है कि लड़की होने का यह मतलब नहीं कि बेकसूरों को फंसवा दे। छात्रों का कहना है कि टूर में मुस्लिम लड़के भी थे।
नोटिस का जवाब नहीं देने पर छात्रा पर कार्रवाई
छात्रा और उसके परिजनों को कॉलेज प्रशासन ने पूरे मामले में स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि बार-बार बुलाने के बाद भी छात्रा और उसके परिजन नहीं आए। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कर्नल डॉ. नरेश गोयल ने बताया कि इसके चलते छात्रा को भी सस्पेंड कर दिया है।
जांच शुरू कर दी
छात्रा की शिकायत पर जांच शुरू करा दी गई है। पूरे प्रकरण से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
- योगेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर, साइबर सेल प्रभारी