लोहियानगर विद्युत उपकेंद्र से जलालपुर फीडर जा रही हाईटेंशन लाइन का तार शनिवार को गांव हाजीपुर के जंगल में टूटकर गिर गया। दो संविदा कर्मी इसे जोड़ने पहुंचे। इस दौरान जब एक कर्मी विद्युत पोल पर चढ़कर तार जोड़ रहा था तो आपूर्ति चालू हो जाने पर उसे करंट लग गया। जिससे वह तार पर झूल गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस करीब दो घंटे बाद पर पहुंची। इस दौरान शव तार पर झूलता रहा। थानाध्यक्ष ने उसे नीचे उतरवाकर मोर्चरी भिजवाया। वहीं, मृतक के परिजनों ने एसएसओ, ठेकेदार और जेई के खिलाफ तहरीर दी है।
हापुड़ के थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव चितौड़ा निवासी मोहन सिंह (28) पुत्र स्वर्गीय सूरज सिंह करीब दस वर्ष से विद्युत निगम में बतौर संविदा कर्मी कार्यरत था। वह करीब आठ माह से लोहियानगर विद्युत उपकेंद्र पर तैनात था। वह लोहियानगर में किराये के मकान में रहता था। विद्युत उपकेंद्र से शनिवार तड़के जलालपुर फीडर जा रही हाईटेंशन लाइन का तार हाजीपुर के जंगल में सरकारी नलकूप के निकट टूट गया।
जिससे अल्लीपुर मोड़ स्थित कोकोटाक मीट प्लांट और नौगजा पीर स्थित मदरसे की आपूर्ति बंद हो गई। इस पर विद्युत उपकेंद्र के एसएसओ सतपाल सिंह ने फोन पर संविदा कर्मी मोहन सिंह और प्रवीण को मौके पर भेजा। इस पर मोहन सिंह एसएसओ से शटडाउन लेकर मौके पर पहुंचे और तार खींचने के लिए जंगल में काम कर रहे चार-पांच लोगों को बुला लिया। मोहन सिंह पोल पर चढ़ गया। इस दौरान करीब आठ बजे आपूर्ति बहाल हो गई। जिससे मोहन सिंह करंट की चपेट में आकर तार पर झूल गया।
हादसे के बाद दूसरे संविदा कर्मी प्रवीण ने विद्युत उपकेंद्र पर जानकारी दी। वहीं, सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। बिजली बंबा पुलिस चौकी से दो सिपाही भी पहुंचे और शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया। इसका हाजीपुर के ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। इस पर कार्यवाहक थानाध्यक्ष शिवदत्त सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और शव को रस्सी के सहारे नीचे उतरवाकर मोर्चरी भेज दिया। इसके बाद मृतक के परिजनों को जानकारी दी। मोहन सिंह के भांजे संदीप निवासी पचगांव पट्टी सावल ने बताया कि मोहन सिंह अविवाहित था। उसने जेई, एसएसओ और ठेकेदार के खिलाफ तहरीर दी है। उधर, थानाध्यक्ष शिवदत्त सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, अधिशासी अभियंता मनोज कुमार का कहना है कि मृतक मोहन सिंह लोहियानगर विद्युत उपकेंद्र पर बतौर संविदा कर्मी तैनात था। उसके परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।
पहले भी हो चुकी हैं तीन मौत
खरखौदा विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत पीपलीखेड़ा फीडर पर कस्बे में कौल रोड पर मई 2014 में हाईटेंशन लाइन पर काम करते वक्त गांव गोविंदपुरी निवासी संविदाकर्मी जगदीश की मौत हो गई थी। वहीं, गांव धनतला में अप्रैल 2015 में ट्रांसफार्मर बदलते वक्त दो प्राइवेट लाइनमैन की मौत हो गई थी।