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कैंट में दो घंटे रास्ता बंद  

Sun, 17 Apr 2016 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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मेरठ कैंट में रास्ता बंद करने पर सेेना के जवान से उलझती महिला। - फोटो : अमर उजाला
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कैंट में सेना ने शनिवार को स्कूल खुलने और बंद होने के समय दो घंटे के लिए भगत चौक से कैंट स्टेशन तक मार्ग को बंद रखा। इस दौरान लोगों की सेना के जवानों से नोकझोंक भी हुई। हालांकि हंगामा होने पर सेना ने भगत चौक के पास बेरिकेडिंग हटाकर कुछ लोगों को जाने दिया।
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आर्मी स्कूल के बाहर फायरिंग होने के बाद सब एरिया में बैठक हुई थी। इसमें सुरक्षा की दृष्टि और सड़क पर लगने वाले जाम के मद्देनजर 16 अप्रैल से स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय दो घंटे के लिए भगत चौक से कैंट रेलवे स्टेशन तक का मार्ग आम जनता समेत सेना के लिए पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया था। सब एरिया द्वारा तैयार किए गए ब्लू प्रिंट से एसपी ट्रैफिक किरन यादव समेत सैन्य अधिकारियों और ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया था।

शनिवार को भगत चौक से कैंट स्टेशन जाने वाली रोड सुबह 6.45 से 7.45 बजे तक और दोपहर 1.15 से 2:15 तक आम जनता समेत सेना के लिए भी बंद कर दी गई। व्यवस्था बनाने के लिए सेना ने तीन क्यूआरटी लगाई थी। जिनमें से एक भगत चौक और एक कैंट रेलवे स्टेशन की तरफ तथा एक आर्मी स्कूल के बाहर तैनात की गई। इसके अलावा एक क्यूआरटी अतिरिक्त भी रखी गई। मार्ग बंद होने पर स्टेशन से शहर आने वाले और स्टेशन को जाने वालों ने एतराज किया।
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सेना के जवानों ने लोगों को समझाया कि अब यह मार्ग स्कूल खुलने और बंद होने के समय एक-एक घंटा बंद किया जाएगा। वहीं बाद में भगत चौक के पास अभिभावकों और ज्यादा परेशान लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों आदि को जाने दिया। सोमवार से पूरी तरह सख्ती बरती जाएगी।

स्टेशन जाने वाले हुए परेशान
दोपहर 1:15 से 2:15 तक कैंट रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेन आती हैं। स्टेशन जाने वाले लोगों को सेना द्वारा रोके जाने पर काफी परेशानी हुई। 

मार्ग पर रहता है दबाव
जीएस कर्नल राजीव ने बताया कि आर्मी पब्लिक स्कूल में 4,700, गोल्ड फिश प्राइमरी स्कूल में 350 और भगत चौक स्थित प्राइमरी स्कूल में 300 बच्चे हैं। इस लिहाज से इस मार्ग पर स्कूल खुलने और बंद होने के समय 120 बसें चलती हैं। वहीं 700 से 800 बच्चे साइकिल से आते हैं। 300 से 400 अभिभावक अपने बच्चों को छोड़ने और लेने आते हैं। इस कारण मार्ग पर वाहनों का काफी दबाव होता है।
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