पंचायतों में प्रशासक की नियुक्ति से ग्रामीणों में उत्सुकता
बहसूमा। ग्राम प्रधानों का अधिकार खत्म होने के बाद गांवों में प्रशासक नियुक्त कर दिए गए हैं। उन्हें अब गांवों के विकास की कमान सौंप दी गई है। इसे लेकर ग्रामीणों में उत्सुकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब सरकारी कर्मचारी गांव का विकास करेंगे। ग्रामीण अब सीधे अधिकारी से जुड़कर अपनी समस्या उन्हें बता सकते हैं। जिससे समाधान जल्द होने की उम्मीद रहेगी।
झुनझुनी निवासी पूर्व प्रधान धनपाल सिंह का कहना है कि गांव में प्रशासक का नियुक्त होना महत्वपूर्ण है। जागरूक जनता गांव में हुए भ्रष्टाचार के बारे में अधिकारी को अवगत कराएं।
हंसापुर निवासी दिनेश जैनर का कहना है कि सरकार ने बहुत अच्छा फैसला लिया है। समय से प्रधानों को उनके पद से छुट्टी दे दी और प्रशासक को गांव की कमान संभालने के लिए नियुक्त कर दिया।
मोड़ कला निवासी संदीप कुमार का कहना है कि प्रशासक नियुक्त होने के बाद गांव में जो विकास कार्य कराया जाएगा, वह देखने लायक होगा। क्योंकि सरकारी कर्मचारी अब गांव में बिना भेदभाव के विकास कार्य कराएंगे।
शाहपुर निवासी विजय उर्फ मोनू का कहना है कि प्रशासक प्रधान को ही बनाना चाहिए था। जिससे ग्राम पंचायत में होने वाला विकास बाधित न हो। प्रशासक को जिम्मेदारी देने से विकास कार्य बाधित होने की पूरी संभावना है।
सैफपुर फिरोजपुर निवासी श्यामलाल का कहना है कि गांव में तेजी से विकास होगा। ईमानदारी से प्रशासक काम करेंगे। मोड़ खुर्द निवासी मयंक गुप्ता का कहना है कि प्रशासक को अपना दायित्व ईमानदारी से निभाना होगा।