संवाद समाचार एजेंसी
दौराला। पीरपुर-मंडौरा में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान राम के जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने भक्ति व संस्कारों का संदेश दिया।
कथा में मुख्य यजमान भाजपा जिला उपाध्यक्ष आशीष प्रताप सिंह रहे। महाराज ने कहा कि भगवान राम के जन्म पर देवता फूल बरसाने लगे और अयोध्या वाले दर्शन के लिए दौड़े। उन्होंने बताया कि भगवान को पाने के लिए दिखावा नहीं चाहिए। जैसे हो वैसे दौड़ जाओ। कहा कि जो भजन में ज्यादा लगाव रखता है वह दुनिया में दूसरों के लिए ज्यादा अच्छा बनता है। भगवान की बचपन की लीलाओं का वर्णन करते हुए बोले राम का रूप हर हिस्से से मधुर है। मधुराष्टकम से उदाहरण देकर बाल राम की सुंदरता बताई। कहा कि बच्चों के नाम बड़े-बुजुर्गों या संतों से पूछकर रखें, क्योंकि नाम से गुण बनते हैं। वशिष्ट ने राम-लक्ष्मण आदि के नाम इसी तरह रखे।
उन्होंने पुरानी गुरुकुल शिक्षा की महिमा बताई। कहा कि राम भाइयों के साथ गुरुकुल में पढ़े। आज पढ़ाई के साथ संस्कार जरूरी हैं। बच्चे सिर्फ पैसे कमाने वाले नहीं बल्कि परिवार-देश समझने वाले बनें। अहिल्या प्रसंग में कहा कि पाप छुपाओ मत, संत के सामने कहो तो रक्षा होती है। गंगा, गीता, गौरी, गायत्री की रक्षा को हर भारतीय का कर्तव्य बताया। कथा में महामंडलेश्वर शिव प्रेमानंद महाराज, राज्य मंत्री बृजेश सिंह, पूर्व सांसद कांता कर्दम, प्रदेश मंत्री चंद्रमोहन, बैंक अध्यक्ष विमल शर्मा, यशवंत राणा, विजय त्यागी, बिट्टू राणा, रविंद्र राणा आदि मौजूद रहे।
दौराला - कथा का वर्णन करते शांतनु महाराज। स्रोत : आयोजक
दौराला - कथा का वर्णन करते शांतनु महाराज। स्रोत : आयोजक