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तेज बारिश से फसलों को भारी नुकसान, चीनी मिलों पर भी असर

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माछरा क्षेत्र में बारिश से बंद पड़ा कोल्हू। - फोटो : KITHOR
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मेरठ । बारिश के चलते गेहूं की बुआई और सरसों की खड़ी फसल को काफी नुकसान हुआ है। बुधवार को पूरे दिन व रात में रुक -रुककर हुई बारिश ने किसानों के चहरे पर मायूसी ला दी है। वहीं बारिश से कोल्हुओं का ईंधन गीला हो गया जिसके चलते उन्हें बंद कर दिया गया। वहीं, खेतों में गन्ने की छिलाई न होने से मिल में भी बहुत कम गन्ना पहुंचा। सरधना, सररूरपुर, मवाना, माछरा, परीक्षितगढ़, हस्तिनापुर आदि क्षेत्रों में बारिश से किसान प्रभावित हुए।
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सरूरपुर में बृहस्पतिवार को दिनभर बारिश से फसलों की काफी बरबादी हुई। गेहूं, लाही, सरसों आदि फसलों को भारी नुकसान का अनुमान है। किसान भाकियू नेता राजकुमार करनावल, सोनू त्यागी, सुमित शर्मा, अशफाक जैनपुर, सचिन प्रधान, शेखर त्यागी भूनी के मुताबिक किसान दोहरी मार झेल रहा है। मिल ने गन्ना भुगतान नहीं किया है। जिसके चलते गन्ने की फसल को कोल्हू पर पर कम दामों में बेचना पड़ा। वहीं, अब बारिश ने किसानों के सामने परेशानी बढ़ा दी है। जिसमें चलते ज्यादातर किसान गेहूं की बुआई करने में पीछे रह गए है। वहीं, मवाना में बारिश ने लोगों को ठंड का अहसास कराया। दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं होने शीतलहर ने लोगों को घर में कैद करके रखा। गन्ने की छिलाई प्रभावित हुई। इसका असर मिल की पेराई पर भी पड़ा। वहीं, चौहान चौक, तेलियों वाला कुआं तथ मुख्य मार्ग पर लोगों को जलभराव से समस्या हुई। माछरा में बारिश से रास्तों पर जलभराव हो गया। कृषक बृजेश कुमार, प्रदीप कुमार, नीरज आदि ने बताया कि गेहूं बुआई का अंतिम सप्ताह चल रहा है। पर बारिश ने इसमें किसानों को और भी पीछे कर दिया है उधर, कोल्हू भी बंद हो गए। कोल्हू संचालक महेश, अमित, आदि ने बताया कि जो पुराना जलावन था वह खत्म हो गया है। बहसूमा क्षेत्र में पूरे दिन बारिश के बाद शाम के समय हल्की धूप निकली। बारिश के चलते साप्ताहिक पैठ में खरीददार कम ही पहुंचे। पशुओं के लिए चारे में दिक्कत आई। कृषि विशेषज्ञ मुकेश सिंह के मुताबिक बारिश गेहूं की फसल जो उग चुकी है उसके लिए फायदेमंद है। बौंद्रा निवासी किसान रागिब निवासी ललियाना ने बताया कि हम किसानों ने करीब चार दिन पहले मटर की फसल की बुआई की थी बारिश से उग नहीं पाई। वहीं, नौबहार सिंह ने बताया कि करीब दो दिनों पहले करीब एक दर्जन से अधिक किसानों ने अपने खेतों गन्ने की फसल काटने के बाद गेहूं की बुआई की थी। वहीं, मार्गों पर जलभराव हो गया।
दूसरी ओर सरधना नगर में मोहल्ला आजादनगर, किलाखेवान, गढ़ी खटीकान में जलभराव की समस्या से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। तहसील रोड पर पशु चिकित्सालय के निकट बस्ती में भी सड़क पर कीचड़ पसर गई। कोल्हू व क्रेसरों में काम बाधित हुआ। किसान गेहूं की बुआई को लेकर खासा चिंतित हैं। वहीं, हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के किसानों के लिए बेमौसम बरसात ने सैकड़ों किसानों का हजारों हेक्टेयर गेहूं की फसल बरसात के पानी में गल कर नष्ट हो चुकी है जबकि रेतीले मैदानों के लिए यह बारिश अमृत बनकर बरस रही है। क्षेत्र के किसानों सुंदर सिंह, प्रवीण कुमार, विपिन कुमार, कामेश, ऋषि पाल, राजेंद्र प्रधान तारापुर आदि का कहना है कि सर्दी के मौसम में लगातार हो रही बारिश उन्होंने बहुत कभी ही देखी है। सरकार को बारिश के पानी में नष्ट हुई फसल का मुआवजा देना चाहिए। वहीं, यह बारिश गंगा की तलहटी में खड़े गेहूं की पैदावार बढ़ा रही है लगातार हो रही बारिश से रेत में खड़ी गेहूं की फसल में ज्यादा पैदावार होने की संभावना बढ़ गई है

बारिश के कारण सूना पड़ा मुख्य मार्ग, साइ्किल पर छाता लगाकर जाता व्यक्ति।- फोटो : MAWANA

हस्तिनापुर क्षेत्र में खेत में खड़ी फसल में भरा बारिश का पानी। - फोटो : MAWANA

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