हस्तिनापुर। लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी के उफान पर है। तटवर्ती गांवों में कटान तेज होने लगा है। गांव बस्तौरा नारंग, और मखदुमपुर गांव पर काटन के बादल मंडरा रहे हैं। गंगा की मुख्य धारा किसानों की हजारों हेक्टेयर भूमि को कटान करते हुए गांव से करीब सौ मीटर की दूरी पर पहुंच गई। फसलों को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत पर जायजा लेने पहुंचे एसडीएम के सामने हंगामा करते हुए सिंचाई विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने अपना एक ज्ञापन एसडीएम संतोष कुमार को दिया। एसडीएम ने ग्रामीणों की हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से लगातार कटान के कारण ग्रामीणों की हजारों हेक्टेयर भूमि गंगा में समा गई है। जिसमें उनकी लाखों रुपए की फसल भी बर्बाद हो गई है। उन्होंने मामले की सूचना एसडीएम संतोष कुमार को दी। जिसके बाद एसडीएम संतोष कुमार ने राजस्व विभाग एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ शनिवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जहां पर काटन को रोकने की मांग को लेकर सैकड़ो ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए कहा कि गंगा के कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा आज तक पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए। जिसके कारण वह बर्बाद हो रहे हैं।साथ ही कहा कि कुछ अधिकारियों से बातचीत कर गंगा के कटान को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध कराए जाएंगे।ाए।ग्रामीणों ने अपना एक ज्ञापन एसडीएम संतोष कुमार को दिया एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि कुछ अधिकारियों से बातचीत कर गंगा के कटान को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध कराए जाएंगे। इस अवसर पर इस अवसर पर ग्रामीण राजू चौहान, शिवकुमार चौहान, किसान संगठन के इंद्रजीत सिंह जयंत आदि दर्जनों ग्रामीणों ने काटन को रोकने की मांग की।
ग्राम प्रधान ने दिया एसडीएम को ज्ञापन
इस अवसर पर ग्राम प्रधान मनोज कुमार ने एसडीएम संतोष कुमार को एक ज्ञापन दिया जिसमें उन्होंने गंगा के कटान को तुरंत रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध करने, गंगा में कटी किसानों की फसलों का मुआवजा दिलाने, मनोहरपुर गंगापुल से जलालपुर तक तटबंध बनवाने की मांग, इसके साथ ही ग्रामीणों को दूसरे स्थान पर रहने के लिए भूमि दिलवाने की मांग की।
पूर्व विधायक ने किया क्षेत्र का दौरा
क्षेत्र के गांव बस्तौरा नारंग में इस समय गंगा का कटान तेजी से चल रहा है जिसे देखते हुए सपा के पूर्व विधायक प्रभु दयाल वाल्मीकि ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जज लिया और ग्रामीणों से बातचीत की साथ कहा कि सरकार द्वारा कटान को रोकने के अभी यहां पर पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं वह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से बातचीत कर स्थिति से अवगत कराएंगे और ग्रामीणों की हर संभव मदद करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से मिलेंगे।
दो लाख 20 हजार क्यूसेक पर पहुंचा जलस्तर
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर इस समय गंगा की धारा में देखा जा रहा है। करीब दो सप्ताह के बाद एक बार फिर गंगा नदी उफान पर आ गई है। जिससे खादर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि शनिवार शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 2 लाख 20 हजार क्यूसेक पर चल रहा है। खादर क्षेत्र में गंगा नदी के उफान पर आ जाने के कारण दर्जनों गांव के हजारों ग्रामीण पूरी तरह भयभीत है क्योंकि अभी दो सप्ताह पूर्व ही उन्होंने बाढ़ का सामना किया था। एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात न हो जाए यह चिंता उन्हें सता रही है। गंगा का कटान लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे कई गांव के लोग पूरी तरह दहशत में है।
अपनी मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन देते बस्तोरा के ग्रामीण स्रोत संवाद