फसल की बर्बादी पर प्रमुख सचिव सख्त, एसडीएम को जांच के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका क्षेत्र के मोहल्ला छावनी नगला रोड पर गोबरयुक्त दूषित पानी माइनर से ओवरफ्लो होने से किसानों की फसलें बर्बाद होने के मामले में प्रमुख सचिव ने संज्ञान लिया है। प्रमुख सचिव के निर्देश पर एसडीएम को एक सप्ताह के भीतर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
नवाबगढ़ी से नंगला रोड तक संचालित डेयरियों से निकलने वाला गोबर, मूत्र और गंदा पानी छोड़े जाने के कारण सरधना माइनर पूरी तरह चोक हो गया है। माइनर के ओवरफ्लो होने से आसपास के खेतों में गंदा पानी भर गया है, जिससे दर्जनों किसानों की गन्ना, गेहूं, सरसों और सब्जी की फसलें नष्ट हो गईं हैं। किसानों का आरोप है कि डेयरी संचालक बिना किसी वैकल्पिक निकासी व्यवस्था के वर्षों से माइनर में गंदा पानी बहा रहे हैं। इससे माइनर नाले में तब्दील हो चुका है और पानी की निकासी पूरी तरह ठप हो गई है। खेतों में जलभराव के साथ दुर्गंध फैलने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित किसान मलखान सिंह सैनी, महेंद्र सिंह, कैलाशचंद, संजय कुमार, सुभाष सोम और मनीष कुमार सहित अन्य ने बताया कि करीब सौ बीघा से अधिक फसल बर्बाद हो चुकी है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। गंदे पानी के कारण पास की अंसारी बस्ती में भी जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। पूर्व में किसानों और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की थी।
एसडीएम द्वारा सिंचाई विभाग और नगर पालिका को माइनर की सफाई व समाधान के निर्देश दिए गए थे लेकिन 15 दिन बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब प्रमुख सचिव के संज्ञान के बाद प्रशासन हरकत में आया है। उधर, किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले डेयरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ माइनर की सफाई और स्थायी निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।