सर्दियों में बिगड़ते हैं हालात
-यहां एक्यूआई दिवाली पर 500 के पार पहुंच जाता है
- मेरठ में एक वर्ष के अंदर 250 दिन से ज्यादा खराब रहती है हवा
-0 से 50 के बीच अच्छा माना जाता है एक्यूआई
-200 के पार पहुंचते ही खतरनाक होने लगती है हवा
पीएनजी कोयले से चार गुना महंगी
पीएनजी कोयले से चार गुना महंगी है। बदलाव के लिए समय सीमा बढ़ाई जाए और मेरठ में भी आगरा की तर्ज पर सब्सिडी मिलनी चाहिए। बेहतर हो इसे लागू ही न करें। - सुमनेश अग्रवाल, चेयरमैन, आईआईए
पीएनजी की लागत कोयला और लकड़ी से ज्यादा
औद्योगिक इकाइयों में पीएनजी की अनिवार्यता इंडस्ट्री की परेशानी का सबब होगी। पीएनजी की लागत मौजूद ईंधन कोयला या लकड़ी से बहुत ज्यादा है। - बिजेंद्र अग्रवाल, अध्यक्ष, रोडवेज चेंबर ऑफ कॉमर्स
इंडस्ट्री संचालन होगा मुश्किल
पीएनजी को अपनाने में बड़ी पूंजी लागत शामिल है। मशीनें बहुत महंगी हैं। इससे इंडस्ट्री का संचालन मुश्किल होगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को इस पहलू पर विचार करना चाहिए। - राजकुमार शर्मा, प्रांतीय पदाधिकारी, लघु उद्योग भारती
बदलाव न करने वाली फैक्टरी हो रहीं चिह्नित
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उन औद्योगिक इकाइयों को चिह्नित कर रहा है, जिन्होंने इस दिशा में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। तीस सितंबर तक हर हाल में बदलाव जरूरी है। - विजय कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी