दूसरे जनपद के अपराधियों का भी होगा थानों में रिकॉर्ड, एडीजी ने जोन के सभी पुलिस कप्तानों को दिए निर्देश
मेरठ। अपराधियों की पूरी जानकारी थाना स्तर पर होगी। दूसरे जनपद के अपराधियों का रिकॉर्ड अब थानों में मिलेगा। एडीजी मेरठ जोन ने सभी आठ जिलों के कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि वह रजिस्टर नंबर-8 में गृह जिले से दूर जाकर अपराध करने वाले और दूसरे जनपद के अपराधी यहां अपराध करने का रिकॉर्ड दर्ज हो। जो थानेदार इस रजिस्टर में पूरा लेखा-जोखा नहीं रखेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, मेरठ के 35 अपराधी दूसरे जनपद में अपराध कर रहे हैं। इस मामले में एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल ने गहनता से मंथन किया। उन्होंने तय किया कि थाना स्तर पर शातिर अपराधियों का रिकॉर्ड, निगरानी और गैंग की जानकारी होनी चाहिए। एडीजी ने जोन के जनपद मेरठ, शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर और गाजियाबाद के कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि सक्रिय अपराधियों की निगरानी की जाए। पुलिस को अपराधियों का डोजियर बनाने के साथ-साथ उनकी निगरानी करनी होगी। कप्तानों ने सभी थानेदारों को निर्देश दिए हैं कि रजिस्टर नंबर-8 में दूसरे जनपद में अपराध करने वालों का पूरा लेखा-जोखा बनाएं। यह व्यवस्था जल्द जोन के सभी जिलों में लागू की जाए।
अपराधियों पर पुलिस की रहेगी पूरी निगरानी
मेरठ जोन के एडीजी राजीव सभरवाल का कहना है कि जोन के सभी थानों में मुख्य रजिस्टर नंबर-8 में 2ए और 2बी बनाए हैं। जिसमें दूसरे जिले में अपराध करने वालों का रिकॉर्ड संबंधित थानों में रहेगा। अब अपराधियों पर पुलिस की पूरी निगरानी रहेगी।