मेरठ से सटे बहसूमा में मासूम बच्ची से दरिंदगी करने वाले 25 हजार के इनामी बदमाश शहजाद उर्फ निक्की की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। सोमवार सुबह जब पुलिस उसके परिजनों के पास शव लेने पहुंची, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया।
शहजाद के माता पिता व घर पर मौजूद पुलिस
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परिजनों ने कहा कि हमें उसकी सूरत तक नहीं देखनी। उसकी वजह से हमें समाज और पुलिस दोनों के बीच बदनामी झेलनी पड़ी। वह तो हमारे लिए पहले ही मर चुका था।
शहजाद के पिता रहीसुद्दीन उर्फ पप्पू मूल रूप से मोहम्मदपुर शकिस्त गांव के निवासी हैं और पिछले 14 वर्षों से बहसूमा में रह रहे हैं। मां नसीमा ने बताया कि बेटे ने 9 साल की उम्र में पहली चोरी की थी, जिसके बाद उन्होंने खुद पुलिस को सौंपा था। बावजूद इसके वह कभी नहीं सुधरा।
मौके पर जांच करती पुलिस
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करीब 15 साल पहले मवी कलां (सरधना) की एक युवती से उसका निकाह हुआ था, लेकिन तीन माह बाद ही तलाक हो गया। परिवार ने उसे चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया था।
नसीमा ने कहा 'हमने अल्लाह से दुआ मांगी थी कि वह पुलिस के हवाले हो जाए, चाहे जिंदा या मुर्दा। आज उसकी मौत पर हमें कोई अफसोस नहीं है। उसने हमारे लिए तो बहुत पहले ही मर गया था।'
परिवार का कहना है कि उन्होंने कभी भी उसके किसी अपराध की पैरवी नहीं की। वे आज भी अपनी उसी बात पर अडिग हैं कि वह उनके लिए 'नाम का बेटा' नहीं रहा।